दिल्ली में एसआईआर नोटिस मिलने वाले करीब 33 लाख मतदाताओं में से 60 फीसदी से ज्यादा अब वेरिफाई हो चुके हैं। चुनाव आयोग ने पिछले महीने प्रक्रिया को आसान बनाने के बाद यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है।
क्या है एसआईआर और नोटिस
सितंबर में दिल्ली के करीब 33 लाख मतदाताओं को एसआईआर नोटिस भेजे गए थे। इनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी शामिल हैं। इनमें से 19 लाख से ज्यादा को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ यानी नाम या उम्र में गड़बड़ी की वजह से नोटिस मिला। बाकी करीब 14 लाख ‘अनमैप्ड’ थे, यानी उनके रिकॉर्ड 2002 के एसआईआर से नहीं जुड़ पाए थे। नोटिस में दस्तावेज मांगे गए थे ताकि दिसंबर 4 को आने वाली फाइनल एसआईआर रोल में नाम शामिल हो सके।
प्रक्रिया कैसे आसान हुई
पहले लोगों को सरकारी दफ्तरों में सुनवाई के लिए जाना पड़ता था। अब बीएलओ खुद घर जाकर दस्तावेज ले रहे हैं। छोटी-मोटी गलतियां जैसे नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी को बीएलओ खुद ठीक कर सकते हैं, ज्यादा कागजात की जरूरत नहीं।
दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट किया कि करीब 20 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है। कोई शिकायत हो तो 14,947 बीएलओ, 902 एईआरओ, 70 ईआरओ, 13 डीईओ या सीईओ से संपर्क कर सकते हैं। पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटेगा।
कैसे तेज हुआ कामसितंबर के तीसरे हफ्ते तक काम धीमा चल रहा था। फिर नए तरीके अपनाए गए। करीब 15 हजार बीएलओ को रोज कम से कम 10 नोटिस क्लियर करने को कहा गया। लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी वाले मामलों में उम्र, भारतीय नागरिकता और क्षेत्र में रहने की जांच की जा रही है। सिर्फ रिकॉर्ड की छोटी गड़बड़ी की वजह से नाम नहीं काटा जा रहा।
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कुछ बीएलओ बताते हैं कि नाम में एक अक्षर कम-ज्यादा जैसी छोटी बातों के लिए वे घोषणा पत्र पर मतदाता के हस्ताक्षर लेकर काम चला रहे हैं। एईआरओ को भी हल हुए मामले जल्द अपलोड करने को कहा गया है।अनमैप्ड मामलों में जन्म तिथि जैसे जरूरी दस्तावेज चेक करके जल्द क्लियर करने के निर्देश हैं।
दिल्ली की मतदाता सूची का हाल
जनवरी 2025 में दिल्ली में 1.56 करोड़ मतदाता थे। जून में एसआईआर शुरू होने तक यह संख्या घटकर 1.45 करोड़ रह गई। 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल में 97.5 लाख नाम थे। करीब 47.6 लाख नाम हटाए गए थे। चुनाव आयोग के मुताबिक ज्यादातर लोग घर बदल चुके थे और फॉर्म नहीं जमा कर पाए। नोटिस मिलने वाले लोग इन्हीं 97.5 लाख में से हैं। वेरिफिकेशन का काम 30 नवंबर तक चलेगा।
















