संगरूर में गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय ने स्टेट्स रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने एसएसपी कार्यालय से मामले से जुड़ी प्रत्येक कार्रवाई और जांच की जानकारी मांगी है। सरकार को औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया। गुलजार सिंह ने पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम लिया था।
अदालत ने कहा कि उचित जांच हो
हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की उचित जांच होनी चाहिए। जब मामले में एक मंत्री का नाम सामने आया है तो जांच को लेकर सवाल उठाना इस स्तर पर उचित नहीं है। इस मामले में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल हुई थीं, जिन पर आज सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई। अदालत ने फिलहाल सीबीआई जांच का आदेश देने के बजाय सरकार से मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
क्या है मामला
गुलजार की मां जसवंत कौर ने बताया कि गांव के गुरुद्वारा साहिब में 6 सितंबर को कैबिनेट मंत्री की मीटिंग थी। गुलजार वहां इलाके में बिक रहे नशे की शिकायत लेकर गया था। उसने मंत्री के पैर छूकर कहा कि नशा बंद करवा दो, मेरा बेटा रोज नशा करता है। अगर नशा खत्म हो गया है, तो उसे कहां से मिल रहा है?” इस पर मंत्री चीमा ने उसे अपने पास भेजने को कहा।
प्रधान ने मारे धक्के
जसवंत कौर का आरोप है कि गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सुक्खा कंडक्टर ने गुलजार पर नशा करने का आरोप लगाया और उसे धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। इस बात को लेकर मंत्री के सामने ही काफी बहस हुई। घटना के बाद पुलिस गुलजार को अपनी गाड़ी में ले गई और कुछ देर बाद घर छोड़ गई। आरोप है कि मीटिंग खत्म होते ही पंचायत सदस्यों ने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। सरपंच ने गुलजार की पत्नी को फोन कर कहा कि उसने ठीक नहीं किया, उसे माफी मांगनी पड़ेगी।
दबाव में आ गया गुलजार
गुलजार की भाभी ने बताया कि आरोपी उनके घर आए और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि वे गुलजार का मुंह काला करके पूरे गांव में घुमाएंगे और माफी मंगवाएंगे। इसी बेइज्जती और डर के कारण गुलजार दबाव में आ गया। जसवंत कौर के मुताबिक, आरोपी दोबारा घर आए और कहा कि ‘डिप्टी साहब’ ने गुलजार को बुलाया है। जब परिवार ने साथ जाने की बात कही तो वे टालमटोल करने लगे। गुलजार को जब पता चला कि उस पर मुंह काला करके माफी मांगने का दबाव बनाया जा रहा है, तो वह दिड़बा चला गया और वहां 7 सितंबर को जहरीली चीज निगल ली।
वीडियो में कहा – मैं चिट्टा की बात करने गया था
गुलजार सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जब वो खड़ा है और उसे किसी ने पकड़ा है। तब तक वो सल्फास निगल चुका था। उस वीडियो में भी वह कुछ लोगों के नाम ले रहा है और कह रहा है कि मैं वहां चिट्टे की बात करने गया था। मैंने अपनी जीवनलीला चिट्टे के लिए खत्म कर दी। उसके बाद दूसरा व्यक्ति कहता है कि इसे दवाई दिलाने ले जाओ।
चीमा का लिया नाम
गुलजार सिंह को इलाज के लिए संगरूर, पटियाला व लुधियाना लाया गया। इसी दौरान का भी एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने चीमा, सरपंच, उसके पति व कुछ अन्य लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। बाद में उसकी डीएमसी में मौत हो गई।
अल्पसंख्यक आयोग मांग चुका है रिपोर्ट
मामले के मीडिया में छाने के बाद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और अनुसूचित जाति आयोग रिपोर्ट तलब कर चुका है। पुलिस ने जिस तरह गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार करवाया वह भी चर्चा का विषय बन चुका है।
















