नई दिल्ली, एएनआई। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (आईजीआई) पर सुरक्षा और इमिग्रेशन में चूक का बड़ा मामला सामने आया है। तीन विदेशी नागरिक बिना डिपार्चर क्लीयरेंस के एयर इंडिया की फ्लाइट से विदेश (म्यूनिख) रवाना हो गए, जबकि डिपार्चर इमीग्रेशन क्लीयरेंस अनिवार्य है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसे अत्यंत गंभीर घटना माना है और इस पर कड़ा रुख अपनाया। मंत्रालय ने एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को तलब करने के साथ ही एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस घटना को अत्यंत गंभीर सुरक्षा और आव्रजन नियमों का उल्लंघन करार दिया है। एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखर ने हाल ही में आंतरिक बैठक के दौरान सुरक्षा, नियमों का पालन और यात्रियों के विश्वास को प्राथमिकता बताया था। उन्होंने कहा था कि
एयर इंडिया के चेयरमैन ने सुरक्षा को बताया था प्राथमिकता
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एक आंतरिक बैठक के दौरान सुरक्षा, नियमों के अनुपालन और ग्राहक विश्वास को एयरलाइन की सबसे पहली प्राथमिकता बताया था। चंद्रशेखरन ने एक टाउन हॉल बैठक में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा था कि एयर इंडिया का सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया की बेहतरीन एयरलाइंस से भी बेहतर होना चाहिए। इसके बावजूद यह घटना हुई। आंतरिक बैठक में आउटगोइंग सीईओ कैंपबेल विल्सन और नए सीईओ तेवोल्डे गेबरेमरियाम भी शामिल थे।

















