महराजगंज (उत्तर प्रदेश) । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के पावन निमित्त महराजगंज जनपद के चौक स्टेडियम में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक, खेल और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े बड़ी संख्या में युवा स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-बौद्धिक शिक्षण प्रमुख दीपक विस्पुते जी, कार्यक्रम अध्यक्ष अभिषेक विश्वकर्मा (सचिव, महराजगंज डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन) तथा अन्य अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया.
मंच पर जिला संघचालक रमाशंकर गुप्त जी और खंड संघचालक रमेश गुप्त जी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे.

“संकल्प, संस्कार और सामर्थ्य से ही भारत बनेगा विश्व का नेतृत्वकर्ता”- दीपक विस्पुते जी
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय सह-बौद्धिक शिक्षण प्रमुख दीपक विस्पुते जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी पूंजी और शक्ति उसकी युवा शक्ति है. आज के नौजवानों को केवल अपने निजी भविष्य के निर्माण तक सीमित न रहकर अपने ज्ञान, कौशल, अनुशासन और ऊर्जा का उपयोग समाज और राष्ट्र के चौमुखी विकास में करना चाहिए.
“आज के दौर में युवाओं के सामने अनगिनत अवसर हैं तो कई चुनौतियां भी मौजूद हैं। आवश्यकता इस बात की है कि युवा अपनी ऊर्जा को सही दिशा दें और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें। संकल्प, संस्कार और सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ने वाली युवा शक्ति ही भारत को पुनः विश्व नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।” – दीपक विस्पुते जी, अखिल भारतीय सह-बौद्धिक शिक्षण प्रमुख, RSS

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया स्वयं में कोई समस्या नहीं है, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है। युवाओं को इसका उपयोग ज्ञान अर्जन, सकारात्मक संवाद और अच्छे विचारों के प्रसार के लिए करना चाहिए, न कि अपनी एकाग्रता और बहुमूल्य समय को नष्ट करने के लिए.
राष्ट्र निर्माण, उद्यमिता और कौशल विकास पर जोर
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश का विकास केवल सरकार या किसी अकेली संस्था की जिम्मेदारी नहीं है. ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करना, समाज के प्रति संवेदनशील रहना, स्वदेशी उत्पादों व स्थानीय प्रयासों को बढ़ावा देना भी राष्ट्र निर्माण का अभिन्न हिस्सा है.

युवा संवाद के प्रमुख वैचारिक बिंदु:
- रोजगार से उद्यमिता की ओर: बेरोजगारी के विषय पर बोलते हुए उन्होंने आह्वान किया कि युवाओं को पारंपरिक नौकरियों की तलाश करने के बजाय कौशल विकास (Skill Development) और उद्यमिता (Entrepreneurship) पर ध्यान देना चाहिए ताकि वे नए अवसरों का निर्माण कर सकें।
- अध्यक्षीय उद्बोधन: कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अभिषेक विश्वकर्मा ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा और प्रतिभा छिपी है, जिसे खेल, शिक्षा और राष्ट्रहित के रचनात्मक कार्यों के माध्यम से सही दिशा देकर समाज में प्रभावी परिवर्तन लाया जा सकता है।
- सार्थक संवाद: कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर अपने प्रश्न रखे, जिनका वक्ताओं ने सहजता से समाधान किया।
युवा संवाद के इस सफल आयोजन ने महराजगंज के युवाओं में देश सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और सकारात्मक सामाजिक बदलाव की अलख जगाई है.











