ढाका: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को देश के दो अलग-अलग इलाकों में हुई हिंसा की घटनाओं में एक हिंदू सुनार और एक महिला की मौत हो गई। एक मामले में सुनार को रास्ते में रोककर धारदार हथियार से हमला किया गया, जबकि दूसरी घटना में घर में घुसने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति ने महिला पर चाकू से हमला कर दिया। दोनों घटनाओं की जांच पुलिस कर रही है। पहली घटना नौगांव जिले के महादेवपुर उपजिले की है। यहां 45 वर्षीय सुनार अलिफ चंद्र दत्ता सोमवार रात करीब 8:30 बजे अपनी गहनों की दुकान से घर लौट रहे थे। रात करीब नौ बजे घर के पास पहुंचने पर कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया और धारदार हथियार से हमला कर दिया।
हमले के बाद आरोपी करीब 70 ग्राम सोना और सात लाख बांग्लादेशी टका लेकर फरार हो गए। घायल अलिफ चंद्र को परिवार और स्थानीय लोगों ने राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घटना केवल लूट के लिए की गई थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। दूसरी घटना काक्स बाजार जिले के महेशखाली उपजिले की है। यहां 45 वर्षीय रानी सुशील शाम करीब 7:30 बजे घर में खाना बना रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर घर में घुसने की कोशिश की। महिला ने उसे देखकर शोर मचाया और चोर-चोर कहकर मदद के लिए आवाज लगाई। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला को पकड़ लिया और कई बार चाकू से हमला कर फरार हो गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ घंटे बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
लगातार घटनाओं से चिंता
बांग्लादेश में हिंदुओं से जुड़ी ये घटनाएं ऐसे समय हुई हैं, जब अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता जताई जाती रही है। हाल में रंगपुर में एक सेवानिवृत्त हिंदू शिक्षक और उनके परिवार के तीन सदस्यों की हत्या की घटना भी सामने आई थी। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है।

















