मध्य प्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। कई दिनों से उमस और बदलते मौसम के बीच अब प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश देखने को मिल रही है। गुरुवार को कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, वहीं मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों को अगले 24 घंटे मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से प्रदेश की ओर बढ़ रही ट्रफ लाइनों का भी असर है। इसी वजह से मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह साढ़े 8 बजे तक नौगांव में सबसे ज्यादा 122 मिलीमीटर यानी करीब 5 इंच बारिश हुई। खजुराहो और शिवपुरी में 50-50 मिमी, जबकि श्योपुर और टीकमगढ़ में 49-49 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। ग्वालियर में 43.6 मिमी, दतिया में 27.2 मिमी, रायसेन में 22.4 मिमी और इंदौर में 17.8 मिमी बारिश हुई। सबसे ज्यादा चिंता दमोह और टीकमगढ़ को लेकर है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को दोनों जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने के साथ नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
वहीं विदिशा, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, आगर, शिवपुरी, मुरैना, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट, मैहर, जबलपुर, कटनी, सिवनी और मंडला में येलो अलर्ट जारी है। रायसेन, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, सागर, छतरपुर, निवाड़ी और पांढुर्णा में ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भोपाल, हरदा और बुरहानपुर समेत कुछ अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को जलभराव वाली सड़कों, नदी-नालों और कमजोर पुल-पुलियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। खासकर अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोग बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें।















