उधम सिंह नगर : धामी सरकार द्वारा अवैध मदरसों के खिलाफ चल रही सीलिंग की कार्रवाई में बाजपुर क्षेत्र में एक मदरसे का कच्चा चिट्ठा भी खुल गया है। जिला अधिकारी नितिन भदौरिया के निर्देश पर चलाए गए उक्त अवैध मदरसे की पोल पट्टी भी खुली है। जिस पर प्रशासन ने गहनता से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, बाजपुर एसडीएम ऋचा सिंह ने बीते कल पांच ऐसे मदरसे सील किए जो कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण,उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं थे। इसी दौरान एक ऐसा मदरसा भी सामने आया जो कि पूर्व में उत्तराखंड मदरसा बोर्ड से भी मान्यता प्राप्त नहीं था। किंतु प्रशासन की आँखों में धूल झोंक कर चलाया जा रहा था। यहाँ कोई मदरसे का बोर्ड भी नहीं लगाया हुआ था।
उक्त मदरसे का मालिक प्रबंधक स्वयं एक ही मुफ़्ती है जो कि यूपी के रामपुर जिले से यहां आकर बसा, ये भी जानकारी मिली कि यूपी में योगी सरकार की मदरसों के खिलाफ की गई सख्ती के दौरान उक्त मुफ्ती ने अपना मदरसा यूपी से हटाकर नजदीक उत्तराखंड के बाजपुर परगना में शिफ्ट कर दिया, जहां बाहरी राज्यों से बच्चे लाकर उनकी पहचान छुपा कर तालीम दी जा रही थी।
शिकायत पर आया मामला सामने
मिली जानकारी के अनुसार, इस बारे में किसी अन्य मदरसा संचालक द्वारा प्राधिकरण में इस आशय की शिकायत भी दर्ज करवाई की मुफ्ती इरशाद सादी, मदरसा हुज्जतुल इस्लाम नाम से बाजपुर में कई बरसों से अमान्य मदरसा चला रहे हैं। इनके द्वारा सालों से अभी तक किसी तरीके की कोई मान्यता नहीं ली है और ना ही लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन चंदा लेने का काम बहुत लंबे समय से और बड़े स्तर से चल रहा है।
इस सूचना पर जिला प्रशासन की टीम ने उक्त मदरसे की खोज शुरू की पहले तो वो इस लिए नहीं मिला कि वहां बोर्ड आदि नहीं था, बाद में स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद उक्त मदरसे की जानकारी मिली। जिसके बाद एसडीएम ने पुलिस के दलबल के साथ वहां पहुंच कर उक्त मुफ़्ती से आवश्यक दस्तावेज मांगे, जरूरी कागजात नहीं दिखाने पर उक्त मदरसे में रखे रजिस्टर और अन्य सामग्री को भी सील कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, उक्त मदरसे के संचालक इरशाद सादी ने यहां बच्चों की निशुल्क तालीम के नाम पर चंदा किया जाता है और देश विदेश से भी फंडिंग ली जाती है, चूंकि मदरसा पूर्व में कहीं पंजीकृत नहीं होने से इसका कहीं हिसाब किताब भी नहीं दर्शाया जाता। मुफ्ती द्वारा मिल रही फंडिंग से करोड़ो की संपत्ति मदरसे के आसपास खरीद ली गई है। जिसकी जानकारी मिलने पर डीएम उधमसिंह नगर द्वारा एसडीएम को गहनता से जांच पड़ताल किए जाने के निर्देश दिये गये हैं। एसडीएम ने बताया कि उक्त मदरसे संचालक के पिछले रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।
क्या कहते हैं अल्पसंख्यक विभाग सचिव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट आदेश है कि अवैध और बिना मान्यता प्राप्त मदरसे देवभूमि उत्तराखंड में बंद किए जाएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि मदरसों और गरीब बच्चों की तालीम के नाम पर अवांछित तत्वों द्वारा मदरसों का संचालन किया जा रहा है इसीलिए सरकार ने मदरसा बोर्ड समाप्त किया है अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मॉर्डन मदरसे से ही आगे शिक्षा देनी होगी। अभी तक 35 मॉडर्न मदरसों ने उक्त मान्यता ले ली है और स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें मान्यता पत्र सौंपे है।












