देहरादून । राज्य की धामी सरकार , उत्तराखंड के मदरसों में पढ़ाए जाने वाले राष्ट्रीय पाठ्यक्रम के विषय में जांच पड़ताल कराने जा रही है। इन मदरसों में बच्चों के लिए तय मानक के हिसाब से सुविधाएं मिल रही है अथवा नहीं ? इस बारे में भी रिपोर्ट मांगी जा रही है।
अल्पसंख्यक मंत्रालय में विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने मदरसा बोर्ड और जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के जरिए ये जानकारी मांगी है कि राज्य में चल रहे पंजीकृत करीब 450 मदरसों में NCERT का पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है कि नहीं..? विशेष सचिव ने मदरसों में बच्चों के लिए तय मानक के हिसाब से सुविधाएं मिल रही है अथवा नहीं इस बारे में भी जानकारी मांगी है।
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डा. धकाते ने मदरसों में बच्चों की संख्या और फंडिंग के विषय में भी जानकारी देने को कहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य में पिछले दिनों धामी सरकार के निर्देश पर विभिन्न जिलों में 218 अवैध मदरसों को सील किया गया है। इन मदरसों में राष्ट्रीय पाठ्यक्रम यानी NCRET नहीं पढ़ाया जा रहा था और न ही इनका मदरसा बोर्ड अथवा किसी शैक्षिक संस्थान में पंजीकरण करवाया गया था।
धामी सरकार तहतानिया (प्राइमरी), फौकानिया( जूनियर हाईस्कूल) के पंजीकरण के अलावा आलिया (हाईस्कूल) की पढ़ाई कराने वाले मदरसों के साथ साथ उत्तराखंड मे मक़दब मदरसों के बारे में भी रिपोर्ट मांगी है।
क्या कहते है मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष
उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष शम्मूम कासमी ने बताया कि राज्य में 450 मदरसे बोर्ड में पंजीकृत है यहां राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है और यदि मदरसा नहीं पढ़ाता है तो हम उसपर एक्शन लेते है। श्री कासमी ने बताया कि बोर्ड का संस्कृत अकादमी से के साथ एमओयू भी होने जा रहा है जिसके बाद कुछ मदरसों में संस्कृत विषय को भी पढ़ाया जायेगा
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“सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार अवैध मदरसों के खिलाफ कारवाई जारी रहेगी, जो पंजीकृत मदरसे है वहां राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है कि नहीं इसकी रिपोर्ट मंगाई जा रही है” : डॉ पराग मधुकर धकाते

















