उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के मनी वॉल्ट में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां रखे गए असली नोटों की जगह नकली नोट रख दिए गए। कुल मिलाकर करीब 7.4 करोड़ रुपये के असली नोट नकली से बदल दिए गए। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बना दी गई है।
कैसे हुआ खुलासा
घटना की शुरुआत 10 अगस्त को हुई। बैंक से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को कुछ नकदी भेजी गई थी। उसमें 4.36 लाख रुपये की कमी निकली। इस कमी की वजह से आरबीआई ने विस्तृत ऑडिट कराने का आदेश दिया। ऑडिट के दौरान पता चला कि वॉल्ट में बड़ी संख्या में नकली नोट रखे हुए हैं। असली नोट कहीं और चले गए थे। पीएनबी की चीफ डिप्टी मैनेजर निशा सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। नकली नोटों की अंतिम गिनती अभी जारी है। पूरा हिसाब-किताब और सबूत जुटने के बाद ही सारी बातें सामने रखी जाएंगी।
किन्हें नामजद किया गया
सदर थाने में पीएनबी के नोडल ऑफिसर अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर में मुख्य रूप से सीनियर डिविजनल मैनेजर रवि कुमार, करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील शर्मा और अमित कुमार का नाम है। इनके अलावा एक हाउसकीपर विशाल कुमार के खिलाफ भी अलग से रिपोर्ट दर्ज की गई है। उनके मामले में बैंक में एक अलग तरह की नकदी की कमी पाई गई है। पुलिस ने बैंक कर्मचारियों और कुछ प्राइवेट लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
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पुलिस और बैंक की जांच
सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक ने बताया कि एसआईटी बना दी गई है और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। नकली नोटों की गिनती चल रही है। पूरी जांच के बाद गायब असली नोट वापस लाने की कोशिश की जाएगी। जांच टीम बैंक के ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, ऑडिट लेजर और करेंसी चेस्ट के सीसीटीवी फुटेज देख रही है। इससे पता चल सकेगा कि नकली नोट कैसे अंदर लाए गए और इसमें कौन-कौन शामिल थे। अभी गिनती जारी है इसलिए नकली नोटों का सटीक आंकड़ा पूरी तरह तय नहीं हुआ है। बैंक और पुलिस दोनों तरफ से जांच जारी है।











