प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों उज्बेकिस्तान के दौरे पर हैं। रविवार को ताशकंद में उन्होंने एक विशेष योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय योग साधकों ने योग का प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि अलग-अलग उम्र के लोगों को योग करते देखना बेहद सुखद अनुभव है। कार्यक्रम के बाद उन्होंने इसकी कुछ झलकियां सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “Uzbekistan loves Yoga!”
उज्बेकिस्तान में बढ़ा योग का क्रेज
ताशकंद में आयोजित इस विशेष योग सत्र का आयोजन उज्बेकिस्तान योग फेडरेशन की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में उज्बेकिस्तान के 52 योग साधकों ने हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने योग साधकों से बातचीत भी की और उनके प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने बहुत अच्छा योग किया। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर योग सत्र का वीडियो साझा किया। उनके छोटे से संदेश ने भारत की प्राचीन योग परंपरा की वैश्विक लोकप्रियता को रेखांकित किया। योग अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में लोग इसे स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली के लिए अपना रहे हैं।ताशकंद का यह कार्यक्रम भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों की एक झलक भी पेश करता है। योग दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के जुड़ाव को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है। उज्बेकिस्तान में योग के प्रति बढ़ती रुचि का एक उदाहरण जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित पहले वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में भी देखने को मिला, जहां उज्बेकिस्तान के योग साधकों ने हिस्सा लिया था। ताशकंद में पीएम मोदी का यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि योग भारत की संस्कृति के साथ-साथ दुनिया के अलग-अलग देशों के बीच दोस्ती और संवाद का माध्यम भी बन रहा है। “Uzbekistan loves Yoga!” का संदेश इसी बढ़ते सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।

















