कांग्रेस नेता राहुल गांधी आजकल लगातार लोगों के बीच जाकर सरकार पर हमले कर रहे हैं। इसके चक्कर में वो कई तरह की बयानबाजियां करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उनके इन बयानों का झूंठ की गूंज नाम की वेबसाइट ने फैक्ट चेक किया है। इसके अनुसार, उनके 40 बयानों का विश्लेषण किया गया है, जिसमें उनके 29 बयान पूरी तरह झूठे और 11 भ्रामक पाए गए हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषणों को एक वेबसाइट ने फैक्ट चेक किया है। इसके बाद बीजेपी ने उन पर झूठ बोलने और युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है। झूठ की गूंज वेबसाइट के अऩुसार, कांग्रेस का यह अभियान शिक्षा सुधारों को लेकर बीजेपी सरकार के खिलाफ था।
बीजेपी प्रवक्ताओं का बयान
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी के झूठ के जवाब में युवाओं ने ‘झूठ की गूंज’ अभियान शुरू किया है। इसका मकसद छात्रों की शिकायतों का राजनीतिक इस्तेमाल रोकना है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने जो भी झूठ बोले, उसके समानांतर युवा लोग झूठ की गूंज वाली वेबसाइट शेयर कर रहे हैं। राहुल गांधी पीआर स्टंट करें, लेकिन देश का युवा उनकी झूठ की गूंज सुन रहा है।”
भंडारी ने आगे कहा कि उन्होंने पिछले चार कार्यक्रमों के सभी 40 बयान पढ़े। कई युवा कह रहे हैं कि ये सब या तो झूठ साबित हुए या भ्रामक। दूसरे बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि वेबसाइट ने राहुल गांधी के दावों को एक-एक करके तथ्यों से जवाब दिया है। नाम भी बिलकुल सही है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने यह वेबसाइट सिर्फ राजनीतिक हथियार के तौर पर बनाई है। कांग्रेस के कर्नाटक इकाई ने वेबसाइट और दो सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वेबसाइट ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि राहुल गांधी हमें जेल भेज सकते हैं, लेकिन हमारी आवाज नहीं रोक सकते। सबका हिसाब रखा जाएगा।
पवन खेड़ा का बयान
कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा था कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम दिल्ली पहुंच चुका है और संदेश पूरी तरह आने से पहले ही घबराहट पैदा कर दी है। राहुल गांधी के पुणे संस्करण में छात्राओं और युवा महिलाओं के कल्याण पर फोकस था।वेबसाइट ने राहुल गांधी के छात्र आउटरीच से जुड़े दावों को फैक्ट चेक करने का दावा किया है। बीजेपी इसे युवाओं की प्रतिक्रिया बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक चाल मान रही है।
















