पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह लगातार भारत के अंदरूनी मामलों में दखल दे रहा है। इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर के पूंछ जिले में शुक्रवार शाम पाकिस्तान की तरफ से एक ड्रोन देखा गया। सुरक्षा बल लाइन ऑफ कंट्रोल के इस सेक्टर को हाई अलर्ट पर ले आए हैं।
ड्रोन कहाँ और कब देखा गया
सेना के सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 8:05 बजे एक बिना चालक वाला हवाई यान यानी यूएवी पाकिस्तान की तरफ से आया। यह ड्रोन पूंछ के मेंढर सेक्टर के बालाकोट इलाके में बेहरूटी गाँव के आसपास मंडरा रहा था। यह इलाका 22 जम्मू-कश्मीर राइफल्स की जिम्मेदारी में आता है।
फौजी जवानों ने ड्रोन को ट्रैक किया। वह मंगलनार-डाबरोटे की तरफ बॉर्डर के नजदीक घूमता हुआ दिखा और फिर वापस पाकिस्तान की ओर लौट गया। अलर्ट जवानों ने तुरंत इस घुसपैठ को नोट किया। इसके बाद पूरे फ्रंट सेक्टर में हवा और जमीन दोनों तरफ सख्त निगरानी शुरू कर दी गई।
खोज अभियान शुरू
शनिवार सुबह होते ही सुरक्षा बलों ने आसपास के फ्रंट इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। मकसद यह जाँच करना था कि कहीं कोई हथियार, विस्फोटक या कोई और सामान गिरा तो नहीं। बॉर्डर पर निगरानी लगातार जारी है।
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पहले भी ऐसे मामले आए हैं
यह घटना ऐसे समय हुई है जब भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर सुरक्षा पहले से ही सतर्क है। हाल के हफ्तों में जम्मू-कश्मीर में और भी संदिग्ध ड्रोन देखे गए हैं।इस महीने की शुरुआत में कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास आगे वाले गाँवों के ऊपर एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया था। बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सर्च किया ताकि कोई हथियार या सामान न गिरा हो।
पिछले महीने राजौरी के सुंदरबनी सेक्टर में भी एक संदिग्ध ड्रोन देखा गया था। सुरक्षा बलों ने सर्च किया लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं मिला। जून में पूंछ के बालाकोट सेक्टर में आगे की चौकियों के ऊपर पाकिस्तानी ड्रोन दिखने पर सेना ने गोली चलाई थी। उसके बाद ड्रोन पाक अधिकृत कश्मीर की तरफ लौट गया था।
अलग से और खोज अभियान
इसके अलावा सुरक्षा बल उधमपुर, कठुआ और राजौरी के जंगली इलाकों में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। संदिग्ध आवाजाही की सूचना मिली है। राजौरी में गाईबास, मिथियानी, मोगला और नरला में ग्रामीणों ने दो संदिग्ध सशस्त्र लोगों की हलचल बताई थी। अब तक उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ है। पूंछ वाली यह ताजा घटना ऐसे समय हुई है जब सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर के फ्रंट इलाकों में लगातार सतर्कता बनाए हुए हैं।
















