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नहीं सुधरा पाकिस्तान! : ऑपरेशन सिंदूर के बावजूद सीमा पार सक्रिय हुए आतंकी कैंप

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर अपडेट दिया, बताया एलओसी व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकवाद नियंत्रित लेकिन सतर्कता जारी।

Written byएजेंसीएजेंसी — edited by Shivam Dixit
Jan 13, 2026, 04:51 pm IST
in भारत, दिल्ली

नई दिल्ली (हि.स.) । पहलगाम में ​आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब नष्ट किए गए प्रशिक्षण शिविरों में से आठ फि​र से चालू हो गए हैं, जिनमें 100 से 150 आतंकियों के मौजूद होने की आशंका है। इसके बावजूद ​सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियों को काबू करने के लिए भारतीय सेना पूरी तरह से सतर्क और हाई अलर्ट पर है।

सेना प्रमुख के बयान

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को यहां मानेकशॉ सेंटर में वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में यह बातें स्वीकार कीं। उन्होंने ​मुखर होकर कहा कि एलओसी पर छह और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दो आतंकी शिविर फिर से शुरू किये जाने की भारत को जानकारी है। इन पर सेना की पैनी नजर है। ऑपरेशन सिंदूर ​राजनीतिक निर्देश और कार्रवाई करने या जवाब देने की पूरी आजादी के तहत तीनों सेनाओं के तालमेल का सबसे अच्छा उदाहरण था।

ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का विवरण

पहलगाम ​में आतंकी हमले के बाद सबसे ​उच्च स्तर पर निर्णायक जवाब देने का साफ फैसला लिया गया था। इसके तहत 07 मई को 22 मिनट की शुरुआत और 10 मई तक 88 घंटे तक चले इस ऑपरेशन ने गहराई तक हमला करके ​आतंकी ढांचे को खत्म कर​ने ​का ​काम किया। ​सेना ने ​21 में से ​नौ आतंकी शिविरों को सफलतापूर्वक नष्ट ​किया और उसके बाद ​पाकिस्तान की हरकतों का सोच-समझकर जवाब देने में अहम भूमिका निभाई​।

न्यूक्लियर बयानबाजी और ऑपरेशन की स्थिति

पाकिस्तान के साथ संघर्ष के बाद 10 मई को ऑपरेशन सिंदूर स्थगित किए जाने के समय के बारे में सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने कहा कि जहां तक न्यूक्लियर बयानबाजी की बात है, तो मैं कहना चाहूंगा कि डीजीएमओ की बातचीत में न्यूक्लियर पर कोई चर्चा नहीं हुई और जो भी न्यूक्लियर बयानबाजी हुई, वह नेताओं या पाकिस्तान की ​स्थानीय जनता ने की।

ऑपरेशन के दौरान हासिल उपलब्धियां

उन्होंने कहा कि उस 88 घंटों में ​सेना ​का संचालन ऐसा था कि अगर पाकिस्तान कोई गलती करता, तो हम ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। उन्होंने बताया कि लगभग 100 आतंकियों को खत्म किया गया।

नॉर्थ ईस्ट की सुरक्षा और म्यांमार का असर

जनरल उपेंद्र द्विवेदी कहते हैं​ कि म्यांमार में अशांति के जवाब में असम राइफल्स, ​सेना और ​गृह मंत्रालय वाला ​बहु-एजेंसी सुरक्षा ग्रिड​ ​नॉर्थ​ ईस्ट को स्पिलओवर असर से बचाने के लिए काम कर रहा है। म्यांमार में दूसरे फेज के चुनाव सफलतापूर्वक होने के साथ अब हम एक-दूसरे के साथ​ ज्यादा असरदार तरीके से जुड़ पाएंगे।

मणिपुर के हालात में सुधार

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की तटस्थ, पारदर्शी और निर्णायक कार्रवाई के साथ-साथ सरकार की कई ​सक्रिय ​पहलों से 2025 के दौरान मणिपुर में हालात में काफी सुधार हुआ है। डूरंड कप का शांति से होना, कल्चरल फेस्टिवल फिर से शुरू होना और सितंबर 2025 में कुकी विद्रोही ग्रुप्स के साथ ऑपरेश​न्स ​रुकने के ख़ास संकेत रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर की स्थिति

सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद 10 मई से​ पश्चिमी फ्रंट और ​जम्मू-कश्मीर में हालात ​संवेदनशील लेकिन पूरी तरह कंट्रोल में हैं। 2025 में 31 ​आतंकवादी मारे गए, जिनमें से 65​ फीसदी पाकिस्ता​नी थे, जिसमें ऑपरेशन महादेव में मारे गए पहलगाम अटैक के तीन ​आतंकी भी शामिल हैं। सक्रिय स्थानीय आतंकी अब सिंगल डिजिट में हैं। ​आतंकियों की भर्ती अब लगभग न के बराबर है।

पर्यटन और विकास का सकारात्मक संकेत

जम्मू-कश्मीर में ​सकारात्मक के साफ ​संकेत मजबूत ​विकास कार्यों,​ पर्यटन बढ़ने और शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा ​में दिखा है, जिसमें पांच साल के ​मुकाबले 4 लाख से​ ज्यादा तीर्थयात्री आए। उन्होंने कहा कि ​अब आतंकवाद से​ पर्यटन का थीम धीरे-धीरे ​आकार ले रहा है।

चीन सीमा की स्थिति

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक सवाल के जवाब में चीन सीमा की बात करते हुए कहा कि उत्तरी फ्रंट पर हालात स्थिर हैं, लेकिन लगातार नजर रखने की ज़रूरत है। ​उच्च स्तर पर बातचीत नए सिरे से संपर्क और भरोसा बनाने के उपायों से हालात धीरे-धीरे ​सामान्य हो रहे हैं। इस फ्रंट पर हमारी तैनाती ​संतुलित और मजबूत बनी हुई है।

वैश्विक सुरक्षा पर नजर

जनरल द्विवेदी ने कहा कि पिछले साल दुनिया भर में हथियारों से जुड़ी लड़ाइयों की संख्या में और तेजी से बढ़ोतरी हुई। ​यह वैश्विक बदलाव एक सीधी सी सच्चाई दिखाते हैं। जो देश तैयार रहते हैं, वे जीतते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की रणनीतिक महत्वता

इस बैकग्राउंड में ऑपरेशन सिंदूर, बॉर्डर पार आतंकवाद के खिलाफ भारत का सोचा-समझा और मजबूत जवाब हमारी तैयारी, सटीकता और ​रणनीतिक स्पष्टता​ को दिखाता है।​ सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री के ​किये गए आह्वान, जनवरी 2025 में रक्षा मंत्री के दिए गए सुधारों के साल और ​भारतीय सेना के अपने बदलाव के दशक के जरिए​ से हम साल 2025 के दौरान हुई तरक्की से सही मायने में बहुत खुश हो सकते हैं।

Topics: ऑपरेशन सिंदूरOperation Sindoor Updateएलओसी आतंकवादआतंकवादी शिविरPahalgam Attack IndiaIndia Army KashmirLOC Terror Campsभारतीय सेनाUpendra Dwivedi Statementसीमा सुरक्षाJ&K Security Alertजम्मू-कश्मीर सुरक्षाBorder Terrorism Indiaपहलगाम हमला
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