नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हैं और कई जगहों पर संपर्क टूट गया है। इस बीच नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर चिंता बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी मिली है। इनमें कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ लोग नेपाल में काम के सिलसिले में मौजूद थे। भारत सरकार ने इन लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है। अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार, 27 अगस्त को बताया कि लापता भारतीय अलग-अलग समूहों में हैं। इनमें 73 लोगों का एक समूह त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहा था। इसके अलावा तमिलनाडु के 37 और 49 नागरिकों के दो समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। पश्चिम बंगाल के 32 भारतीय नागरिकों का एक समूह रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में फंसा हुआ है। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों के 61 और केरल के 33 नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। इन सभी समूहों में कुल 288 भारतीय शामिल हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुछ भारतीय चीन की तरफ भी फंसे हुए हैं। रणधीर जायसवाल ने बताया कि करीब 200 भारतीय नागरिकों ने मदद मांगी है। चीन में भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर उनके रेस्क्यू की कोशिश कर रहा है। ईशा फाउंडेशन से जुड़े कुछ लोग भी वहां फंसे हैं।
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नेपाल को भारत की मदद
भारत ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों के लिए दो विमानों से मदद भेजी है। पहले विमान से 10 टन राहत सामग्री भेजी गई, जबकि दूसरा विमान 37.5 टन सामग्री लेकर रवाना हुआ। इसमें करीब 8 टन दवाइयां भी शामिल हैं। यह मदद नेपाल सरकार के अनुरोध पर भेजी गई है। इसके अलावा भारत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए बेली ब्रिज तैयार करने में भी मदद कर रहा है। भारतीय नागरिकों की मदद के लिए विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम बनाया है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों ने भी 24/7 हेल्पलाइन शुरू की है। भारत सरकार संबंधित राज्य सरकारों के संपर्क में है और गृह मंत्रालय के जरिए सभी प्रयासों में तालमेल किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि नेपाल और चीन में फंसे सभी भारतीयों तक जल्द मदद पहुंचे और उन्हें सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।

















