नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पड़ोसी देश में बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है, वहीं अब भारत के कई हिस्सों में भी मानसून का असर तेज होता दिख रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 अगस्त को कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम का यह बदला मिजाज लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। खासकर उन इलाकों में जहां पहले से जलभराव है या नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी भारत में इस समय कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में बना सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके कारण बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में बारिश तेज होने की संभावना है। वहीं असम के आसपास ऊपरी हवा में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम सक्रिय रह सकता है। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ़ और शामली समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। बिहार में पटना, गया, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, गोपालगंज, सीवान, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, भागलपुर और बेगूसराय समेत कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है। कुछ जगहों पर तेज हवाओं की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजधानी दिल्ली और NCR के कई इलाकों में 27 अगस्त को बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। तेज बारिश की वजह से सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
झारखंड से पहाड़ों तक बिगड़ेगा मौसम
झारखंड में 27 और 28 अगस्त को भारी बारिश और आंधी की संभावना है। रांची समेत कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, मालदा, दार्जिलिंग, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब में भी कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को आंधी और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन की सलाह पर जरूर ध्यान देना चाहिए।















