पाकिस्तान में शहबाज सरकार के आते ही इमरान खान की अगुवाई वाली पीटीआई के बुरे दिन शुरू हो गए। उन्हें कई मामलों में आरोपी बनाकर जेल में ठूंस दिया गया। वहां उनकी तबीयत खराब हो गई है। ऐसे में अब देश के आदेश के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री को रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद थे। लेकिन अब उन्हें इलाज के लिए इस्लामाबाद की एक अस्पताल में भर्ती किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, खान को शिफा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील किया गया है। फिलहाल विशेषज्ञों की देखरेख में उनकी विस्तृत मेडिकल जांच की जा रही है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि उन्हें आगे भी अस्पताल में ही रखकर इलाज दिया जाएगा या फिर वापस जेल भेजा जाएगा। हालांकि, उनकी पार्टी पीटीआई और उनके परिवार ने मांग की है कि उनकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में ही रखकर इलाज जारी रखने की अनुमति दी जाए।
मेडिकल बोर्ड का गठन और विदेश भेजने पर विचार
सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने इमरान खान के स्वास्थ्य और इलाज में आ रही दिक्कतों पर चिंता जताई थी। अदालत ने विशेषज्ञों के साथ-साथ इमरान खान के निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान को शामिल करते हुए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है। इस बीच, संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने बयान दिया है कि अगर देश की सरकारी या स्थानीय मेडिकल सुविधाओं में पर्याप्त इलाज संभव नहीं हो पाता है, तो सरकार उन्हें इलाज के लिए विदेश भेजने के विकल्प पर भी विचार कर सकती है।
आंखों की रोशनी और सेहत से जुड़े विवाद
इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर पहले भी कई तरह के दावे किए जा चुके हैं। जनवरी के अंत में उनके परिवार ने दावा किया था कि जेल में रहने के दौरान उन्होंने अपनी दाहिनी आंख की लगभग 85% दृष्टि खो दी है। हालांकि, सरकारी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया था और कहा था कि इलाज के बाद उनकी रोशनी में काफी सुधार हुआ है।
2023 से जेल में बंद हैं पूर्व पीएम
अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए गए इमरान खान पर कई कानूनी और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए थे। अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद से वह अगस्त 2023 से लगातार जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह ताजा आदेश उनकी सेहत और इलाज के अधिकार से जुड़ी याचिका पर आया है, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में इलाज की राहत मिली है।

















