रवि किशन ने कहा- मुझे खुद नहीं मालूम कि ऐसा क्या है। मैं तो स्वयं महाराज जी से पूछता हूं- “महाराज जी, आप मुझे देखकर क्यों मुस्कुराते हैं?” जब भी लोग मुझसे इस बारे में पूछते हैं तो मैं भी यही कहता हूं कि मैं जानबूझकर ऐसा कुछ नहीं करता। शायद मेरा चेहरा और मेरा स्वभाव ही कुछ ऐसा है कि मुझे देखते ही उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
योगी जी के साथ आत्मीय रिश्ता
कल भी महाराज जी ने मुझे छेड़ा था। मैं गोरखपुर में था और आज यहां कार्यक्रम था। मैंने उन्हें अपनी तस्वीर दिखाते हुए मजाक में कहा-“महाराज जी, देखिए, हमारी फोटो लगी है। अब हमें जाने दीजिए।” इस पर वह भी उसी सहज अंदाज में मुझे छेड़ने लगे। उनके साथ ऐसे आत्मीय और हल्के-फुल्के पल मेरे लिए हमेशा विशेष होते हैं। योगी आदित्यनाथ जी केवल एक बड़े जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि एक संत भी हैं। उनके व्यक्तित्व में अनुशासन, साधना और सेवा का भाव दिखाई देता है। ऐसे संत के चेहरे पर यदि मेरी किसी बात या मेरी मौजूदगी से मुस्कान आती है, तो मैं इसे अपना कोई विशेष गुण नहीं, बल्कि ईश्वर की कृपा मानता हूं। मेरे लिए यह महादेव और गोरखनाथ बाबा का आशीर्वाद है।
मेरा मानना है कि निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र की सेवा करने वाले संत बहुत कम होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और पूज्य योगी महाराज जी जैसे व्यक्तित्वों ने सेवा, विकास और राष्ट्र निर्माण को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया है। उनके नेतृत्व में देश में हो रहे बदलावों को मैं स्वयं महसूस करता हूं। मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मुझे ऐसे लोगों के साथ काम करने और उनके सान्निध्य में रहने का अवसर मिला। मैं इसे भी ईश्वर की कृपा ही मानता हूं।















