‘बोया पेड़ बबूल का आम कहां से पाए’ ये बात पाकिस्तान पर बिल्कुल सटीक बैठती है। ऐसा इसलिए कि वो करता तो आतंक को पालने पोषने की खेती है। ऐसे में इसको लेकर उसकी वाहवाही तो नहीं की जाएगी न! ताजा मामला है संयुक्त राष्ट्र का, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय गए। वे 81वें यूएन जनरल असेंबली में हिस्सा लेने पहुंचे थे। वहां मीडिया ने उनसे हाफिज सईद के बारे में सवाल पूछे। साथ ही पूछा कि आतंकियों को पालना कब बंद करेंगे। शहबाज को कुछ नहीं सूझा और वे वहां स भाग खड़े हुए।
यूएन में सवालों से किनारा
शहबाज शरीफ जब यूएन बिल्डिंग में दाखिल हो रहे थे, तो पत्रकारों ने उनसे पूछा, “प्राइम मिनिस्टर, आप आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” उन्होंने कुछ नहीं कहा और अंदर चले गए। जैसे ही वो बाहर निकले को उनसे फिर सवाल किया गया कि पाकिस्तान हाफिज सईद के खिलाफ कब कार्रवाई करेगा। इस बार भी उन्होंने जवाब नहीं दिया और चुपचाप निकल गए।
कौन है हाफिज सईद
हाफिज मुहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। यह एक कुख्यात आतंकी संगठन, जिस पर संयुक्त राष्ट्र में भी बैन है। भारत के गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत उसे नामित आतंकवादी घोषित किया गया है। वो 26/11 मुंबई हमले का मुख्य साजिशकर्ता और सूत्रधार रहा है।
पहलगाम आतंकी हमले में भी है हाफिज का नाम
इतना ही नहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अप्रैल 22, 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के सप्लीमेंट्री चार्जशीट में भी हाफिज को नाम लिया था। एनआईए के मुताबिक पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के लोग इस हमले में शामिल थे। सईद को बड़े षड्यंत्र में आरोपी नंबर 8 बताया गया है।
भारत का जवाब
इससे एक दिन पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की आलोचना की थी। यूएन ह्यूमन राइट्स काउंसिल में भारत के राइट ऑफ रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा था कि पाकिस्तान को अपने आर्थिक और घरेलू मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान दूसरे देशों के इलाके पर नजर रखता है और सीमा पार आतंकवाद फैलाता है।
त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान को विकास पर फोकस करना चाहिए, न कि दूसरों का इलाका हड़पने या आतंक निर्यात करने पर। उन्होंने पाक अधिकृत कश्मीर में नागरिकों पर दबाव की बात भी कही। रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां मौतें, गिरफ्तारियां हुई हैं और खाने, ईंधन व दवा जैसी जरूरी चीजों पर रोक लगाई गई है।

















