कॉर्बेट पार्क रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में घड़ियालों के संरक्षण और उनकी स्थिति को लेकर अब बड़े स्तर पर वैज्ञानिक शोध किया जाएगा। भारत सरकार ने करीब ढाई साल तक चलने वाली इस रिसर्च की जिम्मेदारी वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को सौंपी है।
कॉर्बेट पार्क के डायरेक्टर डॉ साकेत बडोला ने बताया कि रिसर्च टीम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बीच से बहने वाली रामगंगा नदी में घड़ियालों की संख्या और उनकी स्थिति का आकलन करेगी। इसमें नर-मादा घड़ियालों के साथ उनके बच्चों की संख्या का भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
डॉ बडोला ने बताया कि इसके अलावा घड़ियालों के प्राकृतिक आवास, प्रजनन स्थलों और घोंसलों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। शोध के दौरान यह भी जानने का प्रयास होगा कि रामगंगा नदी के बदलते पर्यावरण और अन्य परिस्थितियों का घड़ियालों पर क्या असर पड़ रहा है। कॉर्बेट पार्क की रामगंगा नदी में घड़ियाल के साथ मगरमच्छ की प्रजातियां भी पाई जाती हैं।
घड़ियाल गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति है और इसे नदी का जल शोधक भी माना जाता है इसलिए उसके संरक्षण के लिए यह रिसर्च बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

















