रामनगर | विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (Corbett Tiger Reserve) सिर्फ बाघों के लिए ही नहीं, बल्कि हाथियों के विशाल कुनबे के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। इसी कुनबे की सटीक जानकारी जुटाने के लिए पार्क में आज से हाथियों की गणना का विशेष अभियान शुरू हो गया है। पार्क प्रशासन द्वारा यह सघन अभियान 26 मई से 30 मई तक चलाया जाएगा।
वैज्ञानिक तरीके से हो रही है गणना, WII का मिल रहा साथ
इस बार हाथियों की गिनती पारंपरिक तरीकों से हटकर पूरी तरह वैज्ञानिक पद्धति से की जा रही है। इसके लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India – WII) का विशेष सहयोग लिया जा रहा है, ताकि आंकड़ों में कोई त्रुटि न रहे।
कॉर्बेट पार्क के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि, “इस महत्वपूर्ण कार्य में 150 से अधिक वनकर्मियों और विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई गई है। यह अभियान पार्क की सभी 72 बीटों (Beats) में एक साथ चलाया जा रहा है, जिससे हाथियों की वास्तविक संख्या और उनकी गतिविधियों का एकदम सटीक आकलन किया जा सके।”
कैसे काम कर रही हैं टीमें?
पार्क की हर रेंज में गणना के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में अनुभवी वनकर्मियों के साथ-साथ WII के रिसर्चर्स (शोधकर्ता) भी शामिल किए गए हैं। ये टीमें जंगल में गश्त कर निम्नलिखित अहम जानकारियां जुटा रही हैं:
- हाथियों की दैनिक गतिविधियों (Activities) की ग्राउंड ट्रैकिंग।
- जंगल के भीतर उनके मूवमेंट और प्रवास के रास्तों (Corridors) की पहचान।
- झुंड में मौजूद नर, मादा और बच्चों की संख्या का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करना।
- हाथियों के पसंदीदा निवास क्षेत्रों (Habitats) का गहराई से अध्ययन।
इस बार संख्या बढ़ने की है प्रबल संभावना
उल्लेखनीय है कि कॉर्बेट पार्क में हाथियों के संरक्षण को लेकर किए जा रहे प्रयास काफी सफल रहे हैं। पिछली बार हुई गणना के आंकड़ों पर नजर डालें तो पार्क में 1200 से अधिक जंगली हाथी पाए गए थे। वन अधिकारियों और वन्यजीव विशेषज्ञों को पूरी उम्मीद है कि अनुकूल माहौल, प्रचुर चारा-पानी और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के चलते इस बार यह आंकड़ा पिछली बार से कहीं अधिक होगा।
इस महा-अभियान के नतीजे जून के पहले सप्ताह तक आने की उम्मीद है, जो कॉर्बेट के भविष्य के संरक्षण प्लान के लिए बेहद अहम साबित होंगे।

















