नैनीताल: विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए एक अहम बदलाव की तैयारी की जा रही है। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट से निर्देश जारी हुए हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पार्क प्रशासन फरवरी के पहले सप्ताह से पर्यटकों के मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
गेट पर ही जमा करना होगा मोबाइल
नए नियम के तहत सफारी या रात्रि विश्राम के लिए पार्क में प्रवेश करने वाले पर्यटकों को अपने मोबाइल फोन गेट पर ही जमा कराने होंगे। इसके लिए प्रवेश द्वार पर विशेष लॉकर लगाए जाएंगे जिनकी चाबी पार्क प्रशासन के पास सुरक्षित रहेगी। सफारी या ठहराव समाप्त होने के बाद ही मोबाइल वापस मिल सकेंगे। पार्क प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया जा रहा है।
कॉर्बेट पार्क के निदेशक डॉ साकेत बडोला ने बताया कि पूर्व में कई बार यह देखा गया है कि पर्यटक जानवरों के बेहद नजदीक जाकर मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते हैं। वहीं बाघ दिखाई देने की सूचना फोन के जरिए फैलने से एक ही स्थान पर भारी भीड़ जुट जाती है जिससे जानवरों के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।
उन्होंने बताया कि कि मोबाइल प्रतिबंध को फरवरी के प्रथम सप्ताह से लागू करने पर अंतिम मंथन चल रहा है और जल्द ही इस पर आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य पार्क के प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखना और वन्यजीवों को मानवीय हस्तक्षेप से बचाना है।
















