
भोपाल। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश और नदी-नालों के उफान के बीच राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) और होमगार्ड की टीमों ने सोमवार को व्यापक राहत एवं बचाव अभियान चलाया। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जलभराव और बाढ़ में फंसे गर्भवती महिला, बच्चों, महिलाओं, पुरुषों और श्रद्धालुओं समेत 98 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान सात गोवंश और चार पालतू पशुओं का भी रेस्क्यू किया गया।
होमगार्ड, सिविल डिफेंस एवं आपदा प्रबंधन की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि 10 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों से जलभराव और बाढ़ में नागरिकों के फंसे होने की आपातकालीन सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में क्षेत्रीय टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों पर रेस्क्यू अभियान शुरू किए। दिनभर चले इन अभियानों में जवानों ने विपरीत परिस्थितियों के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
सीहोर में गर्भवती महिला समेत चार लोगों का रेस्क्यू
सीहोर जिले के थाना सीहोर क्षेत्र के ग्राम जामनी में नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर गांव में एक घर में 23 वर्षीय गर्भवती गीता राजपूत सहित परिवार के चार सदस्य फंस गए थे। सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची। रबर बोट की सहायता से टीम ने गर्भवती महिला और उसके तीन परिजनों को सुरक्षित बाहर निकालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया।
इसी जिले के थाना अहमदपुर क्षेत्र में भी जलभराव के बीच फंसे चार नागरिकों को एसडीईआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।
भोपाल में डैम की दीवार टूटने से मची अफरा-तफरी
राजधानी भोपाल के थाना सूखी सेवनिया अंतर्गत ग्राम बालमपुर में डैम की दीवार टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीईआरएफ की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला और जलभराव में फंसे 19 नागरिकों तथा चार पालतू पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। सूखी सेवनिया क्षेत्र में ही नाले के तेज बहाव के कारण जलभराव में फंसे चार लोगों को क्विक रिस्पांस टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
विदिशा में 15 मजदूरों समेत लोगों और गोवंश का बचाव
विदिशा जिले के थाना करारिया अंतर्गत ग्राम बामनखेड़ा में जलभराव के कारण 15 मजदूर फंस गए थे। एसडीईआरएफ और होमगार्ड की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर दो महिलाओं, छह बच्चों और सात पुरुषों समेत सभी 15 श्रमिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। विदिशा के ग्राम पथरिया में भी जलभराव में फंसे चार नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें एक महिला और तीन पुरुष शामिल थे। टीम ने सात गोवंश को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
ओंकारेश्वर में तीन श्रद्धालुओं को उफनती नदी से बचाया
खंडवा जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल ओंकारेश्वर के अभयपुरी घाट पर स्नान के दौरान तीन श्रद्धालु नदी के तेज बहाव में बहने लगे। घाट पर तैनात एसडीईआरएफ के जवान तेजपाल और बलबहादुर ने तत्काल मोर्चा संभाला। दोनों जवान लाइफ जैकेट की सहायता से उफनती नदी में उतरे और तीनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
राजगढ़ में छत पर फंसे 15 लोगों को निकाला
राजगढ़ जिले के थाना खिलचीपुर अंतर्गत ग्राम बाधाहेड़ी में मंदिर के चारों ओर पानी भर जाने के कारण 15 लोगों ने छत पर शरण ले रखी थी। सूचना मिलने पर एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची और सभी 15 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। आगर मालवा जिले के थाना सोयत क्षेत्र में व्यापक जलभराव की सूचना मिलने पर एसडीईआरएफ, होमगार्ड और आपदा राहत दल ने मोर्चा संभाला। यहां लगभग 30 से 40 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य अभी जारी है।
प्रदेशभर में 24 घंटे निगरानी
एसडीईआरएफ मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदेश के संवेदनशील और जलभराव वाले जिलों की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। सभी जिला मुख्यालयों पर क्विक रिस्पांस टीमें, आपदा राहत वाहन, नाव और आधुनिक बचाव उपकरणों को सतर्क स्थिति में रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।