मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार से प्रदेश के कई हिस्सों में शुरू हुई तेज बारिश सोमवार को भी जारी रही। लगातार बारिश के कारण कई शहरों में सड़कें पानी से भर गईं, वहीं कुछ इलाकों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। मौसम के इस बदले मिजाज से जहां किसानों को राहत मिली है, वहीं कई जगह लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मवार को राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट है।
भोपाल में बारिश का असर, स्कूलों में छुट्टी
राजधानी भोपाल में रविवार रात से तेज बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। सोमवार सुबह तक बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। वीआईपी रोड पर एक पेड़ सड़क के बीच गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए भोपाल प्रशासन ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित कर दिया। यह छुट्टी नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के छात्रों के लिए लागू रही। सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े विद्यालय भी इसके दायरे में शामिल हैं।
रविवार को रायसेन, सीहोर, विदिशा, शाजापुर, शिवपुरी, हरदा और शुजालपुर में तेज बारिश हुई। रायसेन के रामलीला मैदान में पानी भर गया, जबकि सीहोर और श्यामपुर में नदी-नाले उफान पर आ गए। शाजापुर में महज छह घंटे में करीब चार इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं शुजालपुर में सुबह से हुई तेज बारिश ने किसानों को राहत दी। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों को फायदा होने की उम्मीद है, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई। मौसम विभाग ने लोगों से तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आने वाले 24 घंटे मध्यप्रदेश के मौसम के लिहाज से काफी अहम रहने वाले हैं।















