पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन: युवाओं के लिए सुनहरा भविष्य
July 12, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम शिक्षा

पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन: युवाओं के लिए सुनहरा भविष्य

विश्व को जोड़ने वाले रास्ते केवल सड़कों और हवाई मार्गों से नहीं बनते, बल्कि पर्यटन और आतिथ्य उद्योग के माध्यम से संस्कृतियों, लोगों और अनुभवों का भी अद्भुत संगम होता है।

Written byडॉ. मनोज कुमारडॉ. मनोज कुमार — edited by Mahak Singh
Jul 12, 2026, 05:44 pm IST
in शिक्षा
(Ai Generated Image)

(Ai Generated Image)

विश्व को जोड़ने वाले रास्ते केवल सड़कों और हवाई मार्गों से नहीं बनते, बल्कि पर्यटन और आतिथ्य उद्योग के माध्यम से संस्कृतियों, लोगों और अनुभवों का भी अद्भुत संगम होता है। आज पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि वैश्विक अवसरों से भरा एक सशक्त करियर विकल्प बन चुका है। वर्तमान सरकार एवं भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग की भूमिका को मानते हुए लगभग 50 वैश्विक मानदंड के प्रतिष्ठित स्थल तैयार करने पर बल दिया है। वर्तमान में पर्यटन उद्योग का भारत एवं वैश्विक जीडीपी में योगदान लगभग 06 एवं 10 प्रतिशत योगदान है जोकि 2030 तक 07 एवं 2047 तक दस प्रतिशत होने का अनुमान लिया है ।

प्रधानमंत्री जी का मानना है कि यदि इस लक्ष्य को प्राप्त करना है एवं भारत को विकसित देशों की सूची में शामिल करना है तो हमे आतिथ्य एवं पर्यटन प्रबंधन क्षेत्र में कुशल युवा एवं नेतृत्व तैयार करना होगा जिसमें भारत में चल रहे आतिथ्य एवं पर्यटन शिक्षण संस्थान मुख्य रूप से निभा सकते हैं जहाँ युवाओं को आतिथ्य एवं पर्यटन से जुड़े रौजगार जैसे आतिथ्य एवं पर्यटन प्राध्यापक, हॉस्पिटैलिटी मैनेजर्स, होटल व पर्यटन ऊधमीता, मैनेजर, शेफ, टीम लीडर, हाउसकीपर, बारटेंडर्स, नाईट ऑडिटर, रेलवे एवं एविएशन स्टाफ, सेल्स, मार्केटिंग, एचआर, कैटरिंग ऑपरेशंस, कॉर्पोरेट, टूर गाइड, टिकटिंग, इनबाउंड व आउटबाउंड पर्यटन, ट्रैवल एजेसी ऑपरेशंस, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संभावनाएं व अन्य के बारे में व्यावहारिक एवं लिखित ज्ञान दिया जाता है ताकि विकसित भारत 2047 स्वप्न जिसमे इस व्यवसाय को दूसरी रोजगार देने वाली इंडस्ट्री बनाना है को पूरा किया जा सके।

होटल व पर्यटन प्रबंधन कोर्स में अवसर

  1. पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में होटल उद्योग सबसे बड़ा रोजगारदाता माना जाता है। ताज होटल, ओबेरॉय होटल, आईटीसी होटल, मैरियट इंटरनेशनल, हयात और रेडिसन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षित युवाओं के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं। इस क्षेत्र में फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव, गेस्ट रिलेशन एग्जीक्यूटिव, शेफ, हाउसकीपिंग सुपरवाइजर, फूड एंड बेवरेज एसोसिएट, सेल्स एवं मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव तथा रेवेन्यू एग्जीक्यूटिव जैसे पदों पर कार्य किया जा सकता है, जहाँ उत्कृष्ट ग्राहक सेवा और प्रबंधन कौशल की विशेष आवश्यकता होती है।
  2. सरकारी क्षेत्र में अवसर: पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन के विद्यार्थियों के लिए सरकारी क्षेत्र भी एक प्रतिष्ठित करियर विकल्प है। पर्यटन मंत्रालय, इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (ITDC), हरियाणा पर्यटन, राजस्थान पर्यटन विकास निगम तथा केरल पर्यटन जैसी संस्थाएँ नियमित रूप से योग्य पेशेवरों की नियुक्ति करती हैं। इस क्षेत्र में टूरिज्म ऑफिसर, टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन ऑफिसर, डेस्टिनेशन मैनेजर, टूरिज्म कंसल्टेंट और पर्यटन समन्वयक जैसे पदों पर कार्य करते हुए पर्यटन विकास एवं पर्यटक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने में योगदान दिया जा सकता है।
  3. शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण क्षेत्र: शिक्षण एवं प्रशिक्षण में रुचि रखने वाले हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स के लिए विश्वविद्यालयों, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), पॉलिटेक्निक संस्थानों तथा पीएम श्री विद्यालयों में उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध हैं। यहाँ सहायक प्राध्यापक, व्याख्याता, व्यावसायिक प्रशिक्षक, स्किल डेवलपमेंट इंस्ट्रक्टर तथा शैक्षणिक समन्वयक के रूप में कार्य करते हुए विद्यार्थियों को उद्योगोन्मुख ज्ञान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकता है।
  4. संस्थागत एवं प्रशासनिक आतिथ्य सेवाएँ: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs), भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISERs), सरकारी प्रशिक्षण अकादमियों तथा बड़े आवासीय परिसरों में हॉस्पिटैलिटी पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। इन संस्थानों में हॉस्पिटैलिटी मैनेजर, गेस्ट हाउस मैनेजर, कैटरिंग मैनेजर, हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेटर, हाउसकीपिंग मैनेजर और फैसिलिटी कोऑर्डिनेटर जैसे पदों पर कार्य करते हुए गेस्ट हाउस, कैटरिंग सेवाओं, छात्रावासों एवं संस्थागत आतिथ्य संचालन का प्रभावी प्रबंधन किया जाता है।
  5. पर्यटन परिसर एवं गंतव्य प्रबंधन: राज्य पर्यटन निगमों द्वारा संचालित पर्यटन परिसरों, हेरिटेज प्रॉपर्टीज़ तथा मनोरंजन केंद्रों में आवास प्रबंधन, पर्यटक सुविधा, इवेंट प्रबंधन एवं डेस्टिनेशन सेवाओं में करियर बनाया जा सकता है।
  6. स्वास्थ्य सेवा एवं अस्पताल आतिथ्य: अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में मेस सुपरवाइजर, कैटरिंग मैनेजर, सैनिटेशन ऑफिसर, पेशेंट रिलेशन एग्जीक्यूटिव तथा हॉस्पिटैलिटी एडमिनिस्ट्रेटर जैसे पदों पर अवसर उपलब्ध हैं।
  7. विद्यालय एवं संस्थागत खानपान: बड़े विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में कैटरिंग सुपरवाइजर, हॉस्टल प्रशासक, फूड सर्विस मैनेजर, रिसेप्शन एग्जीक्यूटिव तथा प्रशासनिक पदों पर कार्य किया जा सकता है।
  8. विमानन उद्योग: एयरलाइंस में केबिन क्रू, ग्राउंड स्टाफ, ग्राहक सेवा अधिकारी, लाउंज मैनेजर तथा एयरपोर्ट हॉस्पिटैलिटी एग्जीक्यूटिव के रूप में रोजगार प्राप्त किया जा सकता है। फ्लाइट कैटरिंग संगठनों में भी विशेष अवसर उपलब्ध हैं।
  9. रेलवे पर्यटन एवं आतिथ्य: भारतीय रेलवे तथा आईआरसीटीसी के माध्यम से ऑनबोर्ड कैटरिंग, रेल लाउंज, पर्यटन संचालन तथा प्रीमियम पर्यटन सेवाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।
  10. क्रूज़ पर्यटन: क्रूज़ उद्योग में फ्रंट ऑफिस, फूड प्रोडक्शन, हाउसकीपिंग, गेस्ट रिलेशन, एंटरटेनमेंट समन्वय तथा ग्राहक सेवा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं।
  11. टूर गाइड एवं व्याख्या सेवाएँ: प्रशिक्षित टूर गाइड, हेरिटेज इंटरप्रेटर, सांस्कृतिक दूत एवं भाषा विशेषज्ञ के रूप में कार्य करते हुए पर्यटकों को ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जानकारी प्रदान की जा सकती है।
  12. फ्रीलांसिंग एवं स्वतंत्र पेशेवर सेवाएँ: ट्रैवल प्लानिंग, इवेंट मैनेजमेंट, पर्यटन विपणन, कंटेंट निर्माण, डिजिटल मार्केटिंग तथा ग्राहक अनुभव परामर्श के क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्य किया जा सकता है।
  13. कॉर्पोरेट आतिथ्य: कॉर्पोरेट संगठनों में गेस्ट रिलेशन, कॉन्फ्रेंस प्रबंधन, यात्रा समन्वय, कर्मचारी सेवाओं तथा कार्यस्थल आतिथ्य प्रबंधन से जुड़े अवसर उपलब्ध हैं।
  14. उद्यमिता एवं स्टार्ट-अप: प्रशिक्षित युवा बेकरी, कैफे, रेस्टोरेंट, फूड ट्रक, ट्रैवल एजेंसी, इवेंट मैनेजमेंट फर्म, होमस्टे, रिसॉर्ट तथा हॉस्पिटैलिटी कंसल्टेंसी जैसे व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं।
  15. क्लाउड किचन एवं फूड व्यवसाय: ऑनलाइन फूड डिलीवरी के विस्तार के साथ क्लाउड किचन क्षेत्र में किचन ऑपरेशन मैनेजर, शेफ, गुणवत्ता नियंत्रक एवं उद्यमी के रूप में अवसर बढ़े हैं।
  16. फैसिलिटी मैनेजमेंट: होटल, अस्पताल, कॉर्पोरेट कार्यालय, मॉल, एयरपोर्ट एवं शैक्षणिक संस्थानों में भवन प्रबंधन, हाउसकीपिंग एवं ग्राहक सेवाओं के संचालन हेतु फैसिलिटी मैनेजर की मांग बढ़ रही है।
  17. फूड मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म: फूड चैनलों, डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शेफ, फूड स्टाइलिस्ट, फूड प्रेजेंटर एवं कंटेंट क्रिएटर के रूप में करियर बनाया जा सकता है।
  18. अंतरराष्ट्रीय करियर अवसर: संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, यूनाइटेड किंगडम तथा यूरोपीय देशों में होटल, एयरलाइन, क्रूज़ एवं पर्यटन संगठनों में रोजगार की व्यापक संभावनाएँ उपलब्ध हैं।

पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबन्धन कोर्स, आवश्यक योग्यतायें एवं संस्थान

होटल एवं पर्यटन प्रबंधन में स्नातक (UG) स्तर पर बी.एससी. हॉस्पिटैलिटी एवं होटल प्रशासन, बीएचएम, बीएचएमसीटी तथा बीबीए (पर्यटन एवं ट्रैवल प्रबंधन) जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनके लिए 10+2 उत्तीर्ण होना आवश्यक है। स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों जैसे एम.एससी., एमएचएमसीटी एवं एमबीए (पर्यटन एवं ट्रैवल प्रबंधन) में प्रवेश हेतु स्नातक उपाधि आवश्यक होती है। वहीं, होटल प्रबंधन, फूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस एवं पर्यटन प्रबंधन के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए सामान्यतः 10+2 योग्यता निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, फूड प्रोडक्शन, बारटेंडिंग, ट्रैवल एजेंसी प्रबंधन एवं एयर टिकटिंग जैसे 6 माह से 1 वर्ष के प्रमाणपत्र (Certificate) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अधिकांश संस्थानों में 10वीं या 10+2 उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

होटल एवं पर्यटन प्रबंधन की शिक्षा के लिए प्रमुख रूप से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट (IITTM) लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, सीटी यूनिवर्सिटी, आईजीयू मीरपुर , केंद्रीय विश्वविधालय, भगत फूल सिंह यूनिवर्सिटी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, मद्रास विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) पर्यटन एवं ट्रैवल प्रबंधन, राजीव गांधी नेशनल एविएशन यूनिवर्सिटी, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स, फ्रैंकफिन इंस्टीट्यूट ऑफ एयर होस्टेस ट्रेनिंग, बॉम्बे फ्लाइंग क्लब तथा विंग्स कॉलेज ऑफ एविएशन टेक्नोलॉजी शामिल हैं।

निष्कर्ष

पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और वैश्विक अवसरों का एक विस्तृत संसार प्रस्तुत करता है। यह क्षेत्र केवल सेवा उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक समन्वय का महत्वपूर्ण माध्यम है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में इस उद्योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और इसके लिए कुशल एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन का निर्माण समय की आवश्यकता है।

Topics: self-employmentHotel Managementtravel and tourismDeveloped India 2047Tourism and Hospitality ManagementCareer in TourismMinistry of TourismTourism Development in IndiaTourism and Hospitality EducationInternational Employmenttourism industry
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Jyotiraditya Scindia BJP Training Campaign

मध्य प्रदेश: 2 सीटों से 22 राज्यों तक पहुंचना सामान्य घटना नहीं, यह वैचारिक तपस्या का फल – ज्योतिरादित्य सिंधिया

प्रतीकात्मक तस्वीर

AI इम्पैक्ट सम्मेलन 2026: तकनीक, मानवता और वैश्विक भविष्य की नई दिशा

Budget 2026

बजट 2026-27: विकास की रीढ़, आम आदमी की कसौटी, विकसित भारत 2047 के रोडमैप को ठोस आधार देता साहसी बजट

विजन 2047 : सीएम धामी ने दिया अफसरों को सख्त और स्पष्ट रोडमैप

शिक्षा में सुधार के लिए बेहद जरूरी है भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक

Yuva Diwas

राष्ट्रीय युवा दिवस पर CM धामी ने गांधी पार्क में स्वदेशी संकल्प दौड़ का शुभारंभ किया, वोकल फॉर लोकल का आह्वान

Load More

ताज़ा समाचार

अयोध्या में आस्था का सागर (फाइल चित्र)

आस्था पर चोट सही, नीयत में खोट नहीं!

(Ai Generated Image)

पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन: युवाओं के लिए सुनहरा भविष्य

13 जुलाई का पंचांग

13 जुलाई का पंचांग: घर से निकलने से पहले जान लें तिथि, नक्षत्र और दिशाशूल

देशभर में संघ के 95 प्रशिक्षण वर्ग सफल, 18,842 स्वयंसेवक हुए प्रशिक्षित

25 आदिवासी एवं वनवासी भाई-बहनों ने अपनाया सनातन धर्म

Ghar Wapsi: “आओ, अब घर लौट चलें”: गुजरात में 25 लोगों ने की शारदापीठ शंकराचार्य की प्रेरणा से घर वापसी

“निर्गुण और सगुण धारा के मध्य समरसता के प्रकाश स्तंभ संत नामदेव”

(Ai Generated Image)

EPF के नियम बदले! नौकरी छूटते ही अब नहीं निकाल पाएंगे पूरा PF, जानिए नया नियम

आम ब्रिटिश नागरिक इन 'शरणार्थियों' से तौबा कर रहे हैं। (File Photo)

अब UK में मुफ्त में नहीं टिके रहेंगे ‘शरणार्थी’? ‘शरणार्थी मदद का पैसा चुकाओ’ के प्रस्तावित बिल पर छिड़ी तीखी बहस

RSS अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक-2026 बेलगावी में संपन्न, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

'सतलुज' पर सरकार का बड़ा फैसला

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने ‘सतलुज’ फिल्म को दी खुली चुनौती, कहा-25,000 लापता लोगों का दावा साबित करो

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies