
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है. सोशल मीडिया पर साझा की गई खबरों के अनुसार, दुबई स्थित कंपनी ‘एग्रिको फ्रेट’ (Agrico Freight) के मालिक और मलयाली कारोबारी शाजी निलंबुर (Shaji Nilambur) ने इस छात्र प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए दुबई से अपने 23 कर्मचारियों को विशेष रूप से दिल्ली भेजा था.
इस पूरे मामले की जानकारी कई लोगों ने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की है, जिसके बाद प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग और विदेश से लोगों को लाकर भीड़ जुटाने के दावों पर बहस छिड़ गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कारोबारी शाजी निलंबुर ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने 23 कर्मचारियों की दिल्ली यात्रा की पूरी व्यवस्था खुद संभाली थी. कंपनी ने कर्मचारियों के हवाई किराए, दिल्ली में आवास और भोजन सहित सभी तरह के रहने-खाने के खर्च का वहन किया.
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इन कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जब तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन चलेगा, तब तक उन्हें धरना स्थल पर ही मौजूद रहना होगा.
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:
छात्र आंदोलन में इस तरह विदेश से कर्मचारियों को लाकर शामिल कराए जाने की खबर सामने आने के बाद सुरक्षा और निगरानी एजेंसियों की सतर्कता पर सवाल खड़े होने लगे हैं. सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में मांग की गई है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल विदेश से आए लोगों की पहचान, बैकग्राउंड और उनकी भूमिका की गहनता से निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए.
“छात्रों के प्रदर्शन के नाम पर विदेश से कर्मचारियों को बुलाकर भीड़ जुटाना और उनका खर्च उठाना गंभीर चिंता का विषय है। विरोध प्रदर्शन में विदेश से आए लोगों की पहचान, उनके बैकग्राउंड और असली मकसद की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
फिलहाल इस पूरे मामले पर संबंधित कारोबारी या प्रदर्शनकारियों के आयोजकों की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है.