केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर राज्य सरकार के स्तर पर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान हेतु उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप का आग्रह किया है। इन लंबित मामलों के कारण पंजाब की अनेक महत्वपूर्ण रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो रही है।
रेलवे परियोजनाओं में देरी से विकास कार्य प्रभावित
अपने पत्र में रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि इन परियोजनाओं का समयबद्ध पूरा होना केवल राष्ट्रीय महत्व का विषय ही नहीं है, बल्कि पंजाब में रेल संपर्क को सुदृढ़ करने, आर्थिक विकास को गति देने, औद्योगिक प्रगति को बढ़ावा देने, यात्री एवं माल परिवहन को बेहतर बनाने तथा राज्य के समग्र विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब में रेलवे अवसंरचना को मजबूत बनाने के लिए व्यापक स्तर पर निवेश और स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं, लेकिन राज्य सरकार के स्तर पर भूमि अधिग्रहण, वैधानिक स्वीकृतियों तथा प्रशासनिक अनुमतियों के लंबित रहने के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
फिरोजपुर–पट्टी नई रेल लाइन परियोजना
25.72 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के लिए फिरोजपुर और तरनतारन जिलों में 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। रेलवे मंत्रालय द्वारा भूमि अधिग्रहण के लिए ₹194.11 करोड़ की संपूर्ण राशि दिसंबर 2025 में पंजाब सरकार को उपलब्ध करा दी गई थी, लेकिन आज तक अधिग्रहित भूमि का कब्जा रेलवे को नहीं सौंपा गया है, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
राजपुरा–मोहाली नई रेल लाइन परियोजना
18.11 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का कार्य पटियाला, फतेहगढ़ साहिब तथा साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर जिलों में भूमि अधिग्रहण लंबित रहने के कारण प्रभावित हो रहा है। रवनीत सिंह बिट्टू ने इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आग्रह किया है, ताकि परियोजना का कार्य समय पर आगे बढ़ सके।
नंगल डैम–तलवाड़ा–मुकेरियां नई रेल लाइन परियोजना
इस परियोजना के अंतर्गत दो प्रस्तावों के लिए स्टेज-II वन स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जबकि तीसरे प्रस्ताव के लिए मुख्य वन्यजीव संरक्षक, पंजाब द्वारा वन्यजीव शमन योजना (Wildlife Mitigation Plan) की स्वीकृति अभी लंबित है। रेलवे ने 16 जून 2026 को एकीकृत वन्यजीव शमन योजना प्रस्तुत कर दी है। अंतिम वन स्वीकृति प्राप्त करने और परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए इस योजना की शीघ्र मंजूरी आवश्यक है।
रमन मंडी–सद्दा सिंघवाला नई रेल लाइन परियोजना
मानसा–बठिंडा दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत आने वाली इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए मानसा और बठिंडा जिलों में कुल 192.42 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्य सरकार से इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का अनुरोध किया है।
आरओबी और एलएचएस परियोजनाओं में भी हो रही देरी
इसके अतिरिक्त, श्री बिट्टू ने पंजाब में विभिन्न रोड ओवर ब्रिज (ROB) तथा लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) परियोजनाओं में हो रही देरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण संबंधी विवाद, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), सड़क बंद करने की अनुमति, यातायात डायवर्जन योजनाओं की स्वीकृति तथा अन्य प्रशासनिक मंजूरियां लंबित होने के कारण अनेक परियोजनाओं का कार्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि लुधियाना, फाजिल्का, संगरूर, होशियारपुर, मोहाली, बठिंडा, जालंधर तथा पठानकोट सहित कई जिलों में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां लंबित हैं, जिसके कारण इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन में अनावश्यक विलंब हो रहा है।
परियोजनाएं पूरी होने से मिलेगा व्यापक लाभ
श्री बिट्टू ने कहा कि इन रेलवे परियोजनाओं के पूर्ण होने से पंजाब में रेल संपर्क को नई मजबूती मिलेगी, माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी, लेवल क्रॉसिंग समाप्त होने से सड़क सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार आएगा, औद्योगिक एवं कृषि विकास को गति मिलेगी, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल हस्तक्षेप की अपील
मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए रवनीत सिंह बिट्टू ने अनुरोध किया कि संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर लंबित मामलों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि वर्षों से लंबित इन महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जा सके।
रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पंजाब में रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। इन परियोजनाओं को बिना किसी और विलंब के पूरा करने तथा पंजाब के लोगों तक इनका लाभ शीघ्र पहुंचाने के लिए राज्य सरकार का समयबद्ध सहयोग अत्यंत आवश्यक है।”












