पटना के कई NEET छात्रों ने हाल ही में दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन पर अपनी राय रखी। इन छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाना जरूरी है, लेकिन इस आंदोलन को राजनीति से जोड़ना सही नहीं है। उनका मानना है कि यह मामला पूरी तरह छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा है, इसलिए इसे उसी रूप में देखा जाना चाहिए।
आंदोलन में राजनीति का विरोध
NEET में 4678वीं रैंक हासिल करने वाले अनुभव कृष्ण ने कहा कि शुरुआत में यह आंदोलन शिक्षा और पेपर लीक के खिलाफ था। हर साल किसी न किसी परीक्षा में पेपर लीक की खबरें सामने आती हैं, जिससे मेहनत करने वाले छात्रों का नुकसान होता है। इसलिए छात्रों का विरोध करना बिल्कुल सही था। लेकिन अब अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के शामिल होने से आंदोलन का असली उद्देश्य कमजोर पड़ता दिख रहा है। 4591वीं रैंक पाने वाले अक्षय आनंद ने भी कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन पूरी तरह सही है। उनका मानना है कि पेपर लीक पर रोक लगनी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि वे आंदोलन के साथ जुड़ी राजनीति का समर्थन नहीं करते। उन्होंने बताया कि उनका परीक्षा केवल एक महीने दूर था, इसलिए उन्होंने दिल्ली जाने के बजाय अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी।
15823वीं रैंक हासिल करने वाली आरुषि कुमारी ने कहा कि अगर विरोध केवल NEET पेपर लीक और छात्रों के अधिकारों के लिए हो रहा है तो वह उसका समर्थन करती हैं। लेकिन अब जिस तरह से आंदोलन का स्वरूप बदलता दिख रहा है, उससे लगता है कि इसमें राजनीति का असर बढ़ गया है। यही वजह है कि वह वर्तमान स्थिति का समर्थन नहीं करतीं। 3926वीं रैंक लाने वाली प्रिया भारती ने भी इसी तरह की राय रखी। उन्होंने कहा कि जब तक आंदोलन परीक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों तक सीमित था, तब तक वह उसके साथ थीं। लेकिन यदि इसमें राजनीति या धर्म को शामिल किया जाता है, तो इसका उद्देश्य बदल जाता है और वह ऐसे आंदोलन के खिलाफ हैं।















