चीन से एक बेहद चौकाने वाली खबर आई है। बताया जा रहा है कि वहां की सरकार AI चैटबॉट्स पर अब नकेल कसने जा रही है। इसके लिए चीनी सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों और चैटबॉट्स को लेकर बेहद कड़े और नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। इनके लागू होने के बाद से अब चीन में टेक कंपनियों को ऐसे ‘AI कंपेनियन चैटबॉट’ बनाने की अनुमति नहीं होगी जो इंसानों को अपने ऊपर भावनात्मक रूप से निर्भर बनाते हों।
पड़ोसी देश की सरकार का यह फैसला क्यों लिया और इसके क्या परिणाम होंगे चलिए जानते हैं।
क्या होते हैं AI कंपेनियन चैटबॉट?
लेकिन उससे पहले जान लेते हैं कि AI कंपेनियन चैटबॉट क्या होते हैं? दरअसल, AI कंपेनियन चैटबॉट सॉफ्टवेयर आधारित ऐसे डिजिटल एजेंट होते हैं जो इंसानी दिमाग की तरह सोचते और बातचीत करते हैं। ये चैटबॉट यूजर्स को ऐसा अहसास दिलाते हैं मानो वे किसी वास्तविक इंसान से बात कर रहे हों। ये अकेलापन दूर करने, भावनात्मक रूप से सहारा देने और रोजाना की बोलचाल में दोस्त या जीवनसाथी जैसा व्यवहार करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं।
चीन क्यों कस रहा है चैटबॉट्स पर नकेल?
इन पर लगाम लगाने का सबसे बड़ा कारण है एक डर। असल में चीनी सरकार को डर है कि अगर वहां के युवा इन डिजिटल एआई साथियों के साथ गहरे भावनात्मक संबंध बनाने लगेंगे तो वे असल जिंदगी के रिश्तों, विवाह और परिवार शुरू करने से कतराने लगेंगे। चीन इस समय गंभीर जनसांख्यिकी संकट यानी गिरती जनसंख्या के संकट का सामना कर रहा है। चीन में शादी करने वाले जोड़ों की संख्या और जन्म दर लगातार घट रही है।
कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के फेलो मैट शीहान के अनुसार, चीनी प्रशासन यह बिल्कुल नहीं चाहता कि देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा असली इंसानों के बजाय मशीनों से प्यार करने लगे और शादी जैसे सामाजिक बंधनों से पूरी तरह कट जाए।
चीन में AI चैटबॉट्स से जुड़े नए नियमों की मुख्य बातें
हाल ही में लागू किए गए नए नियमों में टेक कंपनियों पर कई तरह की पाबंदियां और जिम्मेदारियां तय की गई हैं जैसे:
- टेक कंपनियों को एआई चैटबॉट्स के एल्गोरिदम को इस तरह से डिजाइन करना होगा कि वे किसी भी यूजर को अपना भावनात्मक रूप से आदी न बनाएं।
- नाबालिग बच्चों और किशोरों के साथ किसी भी तरह के वर्चुअल रोमांटिक संबंध बनाने वाले चैटबॉट फीचर्स को पूरी तरह से बैन करना।
- अगर बातचीत के दौरान चैटबॉट को यह अहसास होता है कि कोई यूजर गंभीर मानसिक तनाव या भावनात्मक संकट से गुजर रहा है तो कंपनियों को तुरंत उस यूजर के इमरजेंसी कॉन्टैक्ट (परिवार के सदस्य) को सूचित करना होगा।
- अब किसी भी नए एआई कंपेनियन चैटबॉट को बाजार में जारी करने से पहले उसे सरकार द्वारा गठित कमेटी की सुरक्षा और नैतिक समीक्षा प्रक्रिया को पास करना होगा।
चीन की कुछ बड़ी टेक कंपनियों जैसे बाइटडांस और अलीबाबा ने इन नियमों पर अमल भी करना शुरू कर दिया है। उन्होंने सरकार की डेडलाइन से पहले ही यूजर्स के लिए दिए गए निर्देशों के अनुसार अपने फीचर्स को बैन करना शुरू कर दिया है। बाइटडांस ने अपने यूजर्स से पर्सनल चैट की हिस्ट्री को 15 अक्टूबर तक अपने पास सेव करने का नोटिफिकेशन भी भेजना शुरू कर दिया है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर चीन के लोग इस नए कानून के प्रति नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं। लोग अब अपने चैटबॉट फ्रेंड्स को अंतिम विदाई संदेश भी भेज रहे हैं, जिन्हें वो अपने जीवन का अहम हिस्सा समझते थे।

















