पुरी (ओडिशा)। ओडिशा के पावन क्षेत्र पुरी धाम में महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा 2026 उत्सव में श्रद्धा और भक्ति का महासागर उमड़ पड़ा है। ‘जय श्री जगन्नाथ’ के उद्घोष से पूरी नगरी गुंजायमान है और देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन पाकर निहाल हो रहे हैं।
भक्ति के इस अपार जनसैलाब के बीच पुरी की धरती से सनातन संस्कृति और अटूट मानवीय संस्कारों की एक ऐसी अद्भुत और हृदयस्पर्शी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया है। यहाँ ईश्वर की भक्ति के साथ-साथ ‘जीवेषु करुणा’ और जीवन की रक्षा को ही सर्वोच्च धर्म माना गया है।
लाखों की भीड़ में पलक झपकते ही बना एम्बुलेंस के लिए रास्ता
रथ यात्रा के मुख्य मार्ग (बड़ा डांड) पर जब लाखों की संख्या में श्रद्धालु रथों के आगे चल रहे थे, तभी अचानक भीड़ के बीच एक श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए पीड़ित को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्बुलेंस को बुलाया गया।
जय श्री जगन्नाथ
रथयात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के बीच बेहोश हुए एक श्रद्धालु को तुरंत उपचार के लिए ले जाया गया।
रथयात्रा के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।Video Courtesy – @PTI_News pic.twitter.com/TKLedzNp5o
— VSK BHARAT (@editorvskbharat) July 16, 2026
“जैसे ही एम्बुलेंस का सायरन गूंजा, पैर रखने तक की जगह न होने के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने बिना किसी अफरा-तफरी के, पलक झपकते ही दोनों तरफ सिमटकर एक लंबा मानवीय कॉरिडोर बना दिया। एम्बुलेंस बिना रुके सीधे मरीज तक पहुंच गई और उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा सका। यह दृश्य सनातन धर्म के उस वास्तविक संस्कार को दर्शाता है जहां भक्ति का चरम रूप किसी के जीवन की रक्षा में ही प्रकट होता है।”
आरएसएस (RSS) स्वयंसेवकों ने संभाला मोर्चा, व्यवस्था में दे रहे पूर्ण सहयोग
पुरी में इतनी अभूतपूर्व भीड़ के बीच कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं को बनाए रखने में प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी दिन-रात जुटे हुए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सैकड़ों स्वयंसेवक रथ यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थलों और चिकित्सा सहायता शिविरों सहित विभिन्न नागरिक व्यवस्थाओं में पूरी मुस्तैदी के साथ सहयोग कर रहे हैं।
पुरी रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा में स्वयंसेवक#Rathayatra2026 #JaiJagannatha #RathaJatra2026 #RathaYatra #ShreeJagannathaDhaam #Puri pic.twitter.com/quE6UoDL2P
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स्वयंसेवकों की मुख्य सेवा भूमिकाएं:
- भीड़ के अत्यधिक दबाव वाले क्षेत्रों में कतारबद्ध व्यवस्था बनाने में स्थानीय पुलिस की सहायता करना।
- गंभीर गर्मी और उमस को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल और ओआरएस घोल का निरंतर वितरण करना।
- अस्वस्थ या बेहोश होने वाले मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) देकर उन्हें एम्बुलेंस तक सुरक्षित पहुंचाने में त्वरित मदद करना।
पुरी रथ यात्रा 2026 की यह घटना केवल एक धार्मिक आयोजन का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह दुनिया के सामने सनातन संस्कृति के उस वैश्विक संदेश को जीवंत करती है जो सिखाती है कि मानव सेवा ही वास्तव में माधव सेवा (ईश्वर की सेवा) है।
जय जगन्नाथ!
















