ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग पर हंगामा जारी है। हाल ही में गैंग के सरगना शब्बीर अहमद को रिहा किया गया है और उसकी रिहाई पर ब्रिटेन में गुस्सा भड़क गया। लोगों ने कहा कि उसे वापस पाकिस्तान भेजा जाए। लेकिन, ब्रिटेन में ऐसे नियम और कानून हैं कि जिसके चलते उसे वापस भेजा नहीं जा सकता है।
अब ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा कि वह उन कानूनों में परिवर्तन करने जा रही हैं, जिनके चलते शब्बीर जैसे अपराधियों को उनके मुल्क भेजा जा सके। ब्रिटेन में इमिग्रेशन एक्ट 1971 के अनुसार ऐसे कॉमनवेल्थ नागरिकों को उनके मुल्क वापस नहीं भेजा जा सकता है, जो यूके में 50 साल पहले आए थे।
इंडिपेंडेंट यूके के अनुसार शबाना महमूद ने सोमवार को कहा, ‘विदेशी अपराधियों को देश से बाहर निकालने के लिए सरकार इस बिल में संशोधन करना चाहती है। यह कदम कुख्यात ‘ग्रूमिंग गैंग’ के सरगना शब्बीर अहमद के उस मामले के जवाब में उठाया जा रहा है, जिसकी काफी चर्चा हुई थी।’
इसके साथ ही शबाना ने यह भी कहा कि इस संशोधन से गृह मंत्री को अपराधियों के मामले में ‘इमिग्रेशन एक्ट 1971’ की धारा 7 को लागू नहीं करने की नयी शक्ति मिलेगी। यह धारा लंबे समय से यूके में रह रहे लोगों को सुरक्षा देती है, लेकिन शब्बीर अहमद जैसे मामलों में उन्हें देश से बाहर भेजने में रुकावट नहीं बननी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह नागरिकता छीने जाने की शक्ति से जुड़ा हुआ है, जो केवल गंभीर मामलों में ही लागू होता है।
शब्बीर अहमद को वापस लेने से इनकार कर चुका है पाकिस्तान
हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तान पहले ही इस बात से इनकार कर चुका है कि वह शब्बीर अहमद को अपने मुल्क में वापस लेगा। उसे वापस लेने के लिए पाकिस्तान ने ब्रिटेन के सामने शर्त रखी है कि वह उसके दो असन्तुष्ट या पाकिस्तान का विरोध करने वाले लोगों को वापस पाकिस्तान भेजेगा। इस बात पर ब्रिटेन तैयार नहीं है। पाकिस्तान उन दो विरोधियों को दंड देना चाहता है और इसीलिए उसने यह शर्त रखी है।
ऐसे में लोग प्रश्न उठा रहे हैं कि जब पाकिस्तान शब्बीर को अपने यहां वापस नहीं लेगा, तो कानून बदलने का भी फायदा क्या है? क्या उसे वापस भेजना संभव है? लोग प्रश्न कर रहे हैं कि पाकिस्तान आखिर ब्रिटेन को ब्लैकमेल कैसे कर सकता है? उनका यह भी कहना है कि जब पाकिस्तान के नागरिक ब्रिटेन की लड़कियों के साथ अमानवीय हरकतें करते हैं, तो ब्रिटेन उस मुल्क की सहायता क्यों करता है? पाकिस्तान को मानवीय सहायता भी क्यों दी जा रही है?
पाकिस्तानियों ने कहा यह ब्रिटेन की समस्या
सोशल मीडिया पर पाकिस्तानियों का कहना है कि यह ब्रिटेन की समस्या है। ब्रिटेन ने आखिर अपनी लड़कियों की बात क्यों नहीं सुनीं और क्यों अपराधियों को संरक्षण दिया? क्या पाकिस्तान की सरकार ने ऐसा कहा था जो अब पाकिस्तान को अपराधी वापस किए जा रहे हैं? ब्रिटेन की विफलता पाकिस्तान का बोझ नहीं है।
क्या डिपोर्ट हो पाएगा शब्बीर
इन सबके बीच यह भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि शब्बीर अहमद जैसे लोगों को वापस पाकिस्तान भेजा जा सकेगा। क्या इसे जनता के आक्रोश को दबाने के लिए शबाना का नया दांव कहा जाएगा ?

















