
तस्लीमा नसरीन, प्रख्यात लेखिका
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन के कारण हंगामा मचा हुआ है। तस्लीमा 1 अगस्त को लगभग 20 वर्षों बाद कट्टरवाद विरोधी साहित्यिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कोलकाता आने वाली हैं। इस कार्यक्रम के कारण अभिव्यक्ति की आजादी, धर्मनिरपेक्षता और धार्मिक संवेदनशीलता पर फिर से बहस शुरू होने की संभावना है। उनकी आगामी यात्रा से तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी असहज हो गए हैं।
तस्लीमा नसरीन की कोलकाता यात्रा के विरोध में तृणमूल कांग्रेस विधायक अखरुज्जमान ने कहा कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय और इस्लाम में शरिया के खिलाफ कई तरह की टिप्पणी की हैं। दूसरी तरफ भाजपा की नेत्री और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर तस्लीमा नसरीन को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करवाने में विफल रहने का आरोप लगाया है. अग्निमित्रा ने वामपंथी सरकार को भी तस्लीमा नसरीन को सुरक्षा नहीं देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि वाम दल और तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने मुसलमानों के साथ राजनीति की, तस्लीमा नसरीन को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई.
तसलीमा नसरीन को उनकी पुस्तक ‘लज्जा’ के कारण 1994 में बांग्लादेश छोड़ने को मजबूर होना पड़ा था। बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनके खिलाफ फतवा जारी करके हत्या की धमकी दी थी। दो महीने छिपने के बाद 1994 में उनको स्वीडन में निर्वासन में रहना पड़ा था। इस्लामी कट्टरपंथियों के कारण उनको लगातार निर्वासन में ही रहने को मजबूर होना पड़ा। बांग्लादेश में उनकी कई किताबें भी प्रतिबंधित की गई थी।
तस्लीमा नसरीन 2004 में भारत आकर कोलकाता में रहने लगीं। उनकी लेखनी के कारण 2007 में मुस्लिम संगठनों के कुछ वर्गों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। मुस्लिम संगठनों को संतुष्ट करने के लिए जिसके तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने तस्लीमा नसरीन को राज्य छोड़ने का आदेश दिया था। इसके बाद वह वाम सरकार और ममता सरकारों के शासनकाल के दौरान कभी बंगाल की धरती पर वापस नहीं आ सकी थी।
तसलीमा नसरीन का कोलकाता से शुरू से ही भावनात्मक रिश्ता रहा है और कई बार उन्होंने कहा है कि वह कोलकाता को अपना शहर मानती हैं। पूरे देश की नजर 1 अगस्त 2026 को तस्लीमा नसरीन के प्रस्तावित कार्यक्रम पर है। उम्मीद की जा रही है कि भाजपा सरकार के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगा।