नई दिल्ली/ कोलकाता: कोलकाता एयरपोर्ट के अंदर बनी 136 साल पुरानी बांकरा मस्जिद अब यहां से हटने जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह मांग पिछले 28 सालों से कर रही थी। लेकिन वाम मोर्चे की सरकार और टीएमसी ने सुरक्षा एजेंसियों की मांग की अनदेखी करी। अब शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी की सरकार कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट के अंदर बनी बांकरा मस्जिद को दूसरी जगह ले जाने की तैयारी में है। यहां पिछले चार दिनों से नमाज नहीं हो रही है। इससे पहले तीन दिनों तक इस मस्जिद में बाहरी लोगों की एंट्री पर भी रोक लगाई गई थी। अभी भी यह प्रतिबंध नहीं हटा है।
मस्जिद के कारण अटक रहा था रनवे का एक्सटेंशन कार्य
बांकरा मस्जिद के कारण रनवे एक्सटेंशन का काम भी अटका रहा था। लेकिन अब रनवे के विस्तार के लिए इस मस्जिद को यहां से हटाया जा रहा है। सूबे के मंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और स्थानीय विधायक सौरव सिकदर का कहना है कि जल्द ही मस्जिद को हटाने का कार्य आरंभ होगा। हालांकि TMC और जमीयत उलेमा-ए-हिंद इसका विरोध कर रही हैं। हालांकि अभी मस्जिद को हटाने की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है।
बिना बायोमैट्रिक जांच एयरपोर्ट के अंदर घुस जाते थे नमाजी
अब इस मस्जिद में नमाजियों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। इससे पहले बिना बायोमैट्रिक जांच के एयरपोर्ट के अंदर नमाजी घुस जाते थे। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ने एयरपोर्ट परिसर में बड़ी तादाद में नमाजियों के प्रवेश पर चिंता जताई थी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट व्यस्त हवाई अड्डों में छठे नंबर पर है। प्रतिदिन यहां लाखों की तादाद में यात्री आते-जाते हैं। मस्जिद के पास ही कोलकाता एयरपोर्ट का दूसरा रनवे है। जिसका विस्तार कार्य दशकों से लटका हुआ है।
BJP नेता दिलीप घोष बोले- शिफ्ट होगी बांकुरा मस्जिद
बीजेपी के नेता दिलीप घोष का कहना है कि मस्जिद को अब एयरपोर्ट परिसर से हटाया जाएगा। यह मस्जिद 1890 के दशक में बनी थी। पहले यह यहां स्थित गांव का हिस्सा थी।अंग्रेजों ने 1924 में दमदम हवाई अड्डा बनाया। उस समय इस मस्जिद को शिफ्ट नहीं किया गया। 1950 के दशक में एयरपोर्ट विस्तार के दौरान गांवों को हटा दिया गया लेकिन मस्जिद को वहीं बने रहने दिया गया। 1960 के दशक में एयरपोर्ट में दूसरा रनवे बना। लेकिन मस्जिद वही रही। बाद में कई बार सुरक्षा एजेंसियों ने इस मस्जिद को यहां से शिफ्ट करने की मांग की लेकिन वाम मोर्चे और टीएमसी की सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया। सूबे में पहली बार बीजेपी की सरकार आते ही सुरक्षा एजेंसियों और कोलकाता ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की मांग को देखते हुए और सुरक्षा कारणों से इस मस्जिद को यहां से हटाया जा रहा है।
CM शुभेंदु अधिकारी ने की लोगों से कानून का पालन करने की अपील
सूबे के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि बांकरा मस्जिद को एयरपोर्ट के अंदर से शिफ्ट करने का मकसद धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। बांग्लादेश और चीन के पास होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से कोलकाता एयरपोर्ट की लोकेशन बहुत अहम है। ऐसे में यहां बिना रोक-टोक के आवाजाही की अनुमति नहीं दी जा सकती है। उन्होंने लोगों से कानून का पालन करने की अपील की है। साथ ही कहा कि धर्म एक व्यक्तिगत मामला है। इसे दूसरों पर थोपने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। हालांकि मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सिद्दीकउल्लाह चौधरी मस्जिद को यहां से शिफ्ट करने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इस न हटाए जाने के पीछे इसके ऐतिहासिक होने का तर्क दिया है। उनका कहना है कि यह मस्जिद 135 साल पुरानी है।
दमदम उत्तर क्षेत्र से भाजपा विधायक सौरव सिकदर ने दावा किया है कि हवाई अड्डा परिसर में मस्जिद की मौजूदगी के कारण दोनों रनवे का पूरी तरह से उपयोग नहीं हो पा रहा है। इससे सुरक्षा को लेकर भी बड़े खतरे पैदा हो रहे हैं। उनका कहना था कि नमाज के लिए मस्जिद में आने वाले लोगों को किसी भी तरह के सुरक्षा पास या बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होती है। बिना वेरिफिकेशन के नमाजी मस्जिद के अंदर आते-जाते हैं।

















