नई दिल्ली (हि.स.) । भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में जनता के साथ हो रहे घोर दुर्व्यवहारों और कुकृत्यों का संज्ञान लें तथा इन घटनाओं के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराएं।
पीओजेके में दमन और अधिकारों की अनदेखी पर भारत की चिंता
भारत ने कहा कि पीओजेके के गंभीर हालात पाकिस्तान के लंबे समय से चले आ रहे दमन और स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी को उजागर करते हैं। साथ ही यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि पाकिस्तान जनता की जायज मांगों को सुनने के बजाय उन्हें बलपूर्वक दबाने का प्रयास कर रहा है।
विदेश मंत्रालय ने बताया विरोध प्रदर्शनों का कारण
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि पीओजेके में चल रहे विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के अपने अवैध और जबरन कब्जे वाले क्षेत्रों में दशकों से चले आ रहे शोषण, मौलिक अधिकारों के हनन और प्रशासनिक उत्पीड़न का परिणाम हैं।
प्रवक्ता ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन घोर दुर्व्यवहारों और कुकृत्यों के लिए पाकिस्तान को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराएगा।”
महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों पर कार्रवाई का आरोप
उन्होंने कहा कि स्थानीय आबादी की जायज शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तानी प्रशासन ने अत्यधिक पुलिस क्रूरता का सहारा लिया है। इसमें असहाय महिलाओं और बच्चों के खिलाफ की गई कार्रवाई, भोजन और दवाओं जैसी आवश्यक चीज़ों को रोकना, इंटरनेट ब्लैकआउट लागू करना और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ घातक बल का प्रयोग करना शामिल है। इसके परिणामस्वरूप कई दुखद मौतें हुई हैं।











