
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति
ईरान में बड़े हमले करने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर ही उनकी हत्या का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि उनकी हत्या की योजना बनाई जा रही है और वह ईरान की हर लिस्ट में टॉप पर हैं।
उन्होंने ये बातें बुधवार को नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने उन्होंने कहा, “ईरान अमेरिकी नेताओं को खत्म करना चाहता है। मैं उनकी हर लिस्ट में शामिल हूं। अब तक मुझे किस्मत का साथ मिला है, लेकिन यह हमेशा नहीं चल सकता। वे बुरे और बीमार लोग हैं। हमें इस कैंसर से छुटकारा पाना होगा।”
ट्रंप ने यह भी बताया कि तेहरान के साथ अमेरिका का समझौता (एमओयू) अब खत्म हो गया है। यह बयान अमेरिका के ईरान पर हाल के हमलों के कुछ घंटों बाद आया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार इंस्टॉलेशन और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की 80 से ज्यादा छोटी नावें शामिल थीं। ये हमले होर्मुज स्ट्रेट में नागरिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए। हमलों में बंदर महशहर में एक आईआरजीसी सदस्य की मौत हो गई। बूशहर समेत कई इलाकों में विस्फोट की खबरें आईं। बूशहर में ईरान का न्यूक्लियर पावर प्लांट कॉम्प्लेक्स भी है।
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ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। बहरीन में अमेरिकी नेवी का फिफ्थ फ्लीट तैनात है, जबकि कुवैत में अमेरिकी थलसेना के सैनिक हैं। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलें और 13 ड्रोन को नष्ट कर दिया। ईरानी राज्य मीडिया ने इन हमलों की पुष्टि की।
यह पूरा घटनाक्रम मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का हिस्सा है। अमेरिका ने ईरान के करीब 80 ठिकानों पर हमले किए, जिसके बाद ईरान ने भी जवाब दिया। ट्रंप का बयान इसी माहौल में आया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान उन्हें निशाना बना रहा है और वे इसकी हर लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। ट्रंप ने ईरान को “कैंसर” बताते हुए कहा कि इसे जड़ से खत्म करने की जरूरत है। उनका यह बयान अमेरिका-ईरान के बीच चल रही दुश्मनी को और उजागर करता है।