जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा, ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली, अंतरिक्ष, दूरसंचार, स्वास्थ्य, कृषि, खनिज, आपदा प्रबंधन और चुनावी सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में 14 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, डिजिटल कॉमर्स, प्रबंधन शिक्षा और खाद्य सुरक्षा समेत छह नई पहलों की भी घोषणा की, जिससे द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।
दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाह्य अंतरिक्ष की खोज एवं उपयोग संबंधी सहयोग समझौते का विस्तार, भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और इंडोनेशिया की औषधि एवं खाद्य नियामक एजेंसी (बीपीओएम) के बीच चिकित्सा उत्पादों के विनियमन में सहयोग, खनिज एवं इस्पात आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग संबंधी समझौते शामिल हैं।
इसके अलावा समुद्री सुरक्षा एवं संरक्षा सहयोग संबंधी समझौते का विस्तार, भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के बीच सहयोग, दूरसंचार प्रौद्योगिकी एवं सेवाओं, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार तथा स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए।
ब्रह्मोस मिसाइल और स्टील पर सहयोग
दोनों देशों ने भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और इंडोनेशिया के जनरल इलेक्शन कमीशन (केपीयू) के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली पर सहयोग तथा एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग समझौता भी किया गया।
औद्योगिक सहयोग के तहत भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) और इंडोनेशिया की पीटी क्राकाताउ स्टील के बीच इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए रणनीतिक संयुक्त उपक्रम पर सहमति बनी। वहीं, भारत के नॉन-फेरस मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर (एनएफटीडीसी), मिडवेस्ट लिमिटेड और पीटी पर्मिनास के बीच रेयर अर्थ मैग्नेट के विकास के लिए भी समझौता हुआ।
प्रम्बानन मंदिर परिसर का संरक्षण
यात्रा के दौरान दोनों देशों ने छह महत्वपूर्ण नई पहलों की भी घोषणा की। इनमें योग्यकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण एवं पुनरुद्धार में भारत की ओर से सहायता, हिंद महासागर क्षेत्र के सूचना संलयन केंद्र (आईएफसी-आईओआर) में इंडोनेशियाई संपर्क अधिकारी की तैनाती तथा इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले डीडब्ल्यूआर-162 गेहूं के बीज उपलब्ध कराना शामिल है।
‘टैगोर-देवांतरा सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कूटनीति वर्ष’
दोनों देशों ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर और इंडोनेशिया के महान शिक्षाविद् की हजर देवांतरा की विरासत को समर्पित ‘टैगोर-देवांतरा सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कूटनीति वर्ष’ मनाने की घोषणा भी की।
इसके अलावा इंडोनेशिया के सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बेंगलुरु का शाखा परिसर स्थापित किया जाएगा। भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) की तर्ज पर इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (आईओएन) शुरू करने की भी घोषणा की गई, जिससे दोनों देशों के बीच डिजिटल व्यापार और नवाचार सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

















