अक्टूबर 2021 में बांग्लादेश से घुसपैठ करने वाले अभियुक्तों को एटीएस ने अलग-अलग जगह से गिरफ्तार किया था। लखनऊ की एक विशेष अदालत ने रहमान ,अल अमीन अहमद, खोखन सरदार, अलाउद्दीन तारीक,जमील अहमद, हुसैन मोहम्मद फहद, शखावत खान, असीदुल इस्लाम, जैनुल इस्लाम, राजिब हुसैन, मोमिनुर इस्लाम, मेहंदी हसन, शाओन अहमद ,मोहम्मद जमील और नूर अमीन को सज़ा सुनाई है। ये सभी बगलादेशी हैं और घुसपैठ करके पश्चिम बंगाल में छिप कर रह रहे थे। सभी अभियुक्तों को पांच – पांच साल की सजा सुनाया है।
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को बताया कि षड्यंत्र के तहत मिथुन मंडल, विक्रम सिंह, महफूज और समीर मंडल उर्फ टोनी, मोहम्मद जमील और कुछ अन्य लोग बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में घुसपैठ करा रहे हैं। ये लोग एक नेटवर्क बनाकर बांग्लादेश और म्यांमार के नागरिकों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराते हैं।
घुसपैठ कराने वालों का फर्जी भारतीय आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाया जाता है। यही नहीं फर्जी पासपोर्ट भी बनवा लिया गया है। कई बांग्लादेशी ,रोहिंग्या का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया गया है। इन लोगों को फर्जी कागजात के आधार पर कई देशों में भेजा गया है।

















