लॉस एंजिल्स / बीजिंग। चीन में सरकार की मंजूरी के बिना संचालित होने वाली भूमिगत (Underground) चर्च के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक, पादरी एज्रा जिन मिंगरी (Pastor Ezra Jin Mingri) को चीनी अधिकारियों ने हिरासत से रिहा कर दिया है। लगभग नौ महीने की लंबी और कठिन हिरासत के बाद वे सुरक्षित रूप से अमेरिका पहुंच गए हैं और अपने परिवार से दोबारा मिल चुके हैं।
पादरी जिन की यह रिहाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से इस संवेदनशील मुद्दे को उठाए जाने के कुछ महीनों बाद संभव हो सकी है।
अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस पर चीन का ‘गुडविल जेस्चर’
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पादरी जिन शनिवार को लॉस एंजिल्स पहुंचे, जिसके साथ ही उनकी नौ महीने की हिरासत का अंत हो गया। उनकी यह रिहाई राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सार्वजनिक रूप से यह घोषणा किए जाने के दो महीने से भी कम समय में हुई है कि उन्होंने शी जिनपिंग से पादरी को मुक्त करने का कड़ा आग्रह किया था, जिस पर चीनी राष्ट्रपति ने “गंभीर विचार” करने का आश्वासन दिया था।
समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) के मुताबिक, रिहाई के वक्त चीनी अधिकारियों ने पादरी जिन को स्पष्ट रूप से बताया था कि उनकी मुक्ति राष्ट्रपति ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच हुई उच्च स्तरीय चर्चा का सीधा परिणाम है। चीन सरकार ने इसे अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) के अवसर पर एक ‘गुडविल जेस्चर’ (सद्भावना संकेत) के रूप में प्रस्तुत किया है।
Incredible to hear that #PastorEzraJin is free, has just arrived in LA, and is finally reunited with his family.🥹
It has been a privilege to stand beside @GraceJDrexel & witness her strength with @bill_drexel‘s support as they fought for her father’s freedom. (1/3) pic.twitter.com/6qlWlEYffY
— Frances Hui 許穎婷 (@frances_hui) July 4, 2026
परिवार से हुआ भावुक मिलन, अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने की पुष्टि
‘कमेटी फॉर फ्रीडम इन हांगकांग फाउंडेशन’ की फ्रांसिस हुई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस खबर की आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि पादरी जिन सुरक्षित रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंच गए हैं और आखिरकार अपने परिवार के साथ हैं।
इसके साथ ही, कई लोकतांत्रिक देशों के सांसदों के अंतरराष्ट्रीय समूह ‘इंटर-पार्लियामेंट्री एलायंस ऑन चाइना’ (IPAC) ने भी इस रिहाई की पुष्टि की है। संगठन ने पादरी जिन की उनकी बेटी ग्रेस जिन ड्रेक्सेल के साथ मुस्कुराते हुए एक भावुक तस्वीर भी साझा की, जो उनके पुनर्मिलन के ठीक बाद की है।
We are overjoyed that Pastor Ezra Jin has been released from prison!
We send our best wishes to him and his family, and sincerely thank the diplomats and others who worked so hard behind the scenes to make the impossible happen. 😭 pic.twitter.com/KcZPP3IpiC
— Inter-Parliamentary Alliance on China (IPAC) (@ipacglobal) July 4, 2026
क्या है जियोन चर्च और क्यों हुई थी पादरी की गिरफ्तारी?
पादनी एज्रा जिन मिंगरी चीन की सबसे प्रसिद्ध और बड़ी गैर-पंजीकृत प्रोटेस्टेंट मंडलियों में से एक, भूमिगत ‘जियोन चर्च’ (Zion Church) के मुख्य पादरी के रूप में सेवा देते हैं। गौरतलब है कि चीन में कम्युनिस्ट सरकार द्वारा अनुमोदित आधिकारिक धार्मिक प्रणाली से बाहर काम करने वाले किसी भी धार्मिक संगठन और चर्चों को अक्सर भारी प्रतिबंधों और दमनकारी सरकारी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस बड़ी कार्रवाई के पीछे की मुख्य वजहें:
- बड़ा क्रैकडाउन: पादरी जिन को अक्टूबर में 17 अन्य प्रमुख चर्च नेताओं के साथ चीनी पुलिस ने हिरासत में लिया था। मानवाधिकार समूहों ने इसे दशकों में चीन में किसी एक चर्च के खिलाफ की गई सबसे बड़ी कार्रवाई बताया था।
- कड़े धार्मिक नियम: यह गिरफ्तारियां तब हुई थीं जब चीनी अधिकारियों ने धार्मिक गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले नए और बेहद सख्त नियम जारी किए थे।
- विदेशी मिलीभगत का आरोप: चीन के शीर्ष धार्मिक नियामक द्वारा बनाए गए इन नए नियमों के तहत बिना आधिकारिक अनुमति के ऑनलाइन उपदेश देने, पादरियों द्वारा धार्मिक प्रशिक्षण देने और ऐसी किसी भी गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध है जिसे सरकार “विदेशी मिलीभगत” (Foreign Collusion) मानती है।
एयर फ़ोर्स वन से ट्रंप ने दिया था बयान, जिमी लाई पर पेंच अब भी फंसा
मई में चीन की अपनी आधिकारिक राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीधे शी जिनपिंग के सामने यह मुद्दा उठाने के बाद इस मामले ने वैश्विक सुर्खियां बटोरी थीं। चीन से अमेरिका लौटते समय अपने आधिकारिक विमान ‘एयर फोर्स वन’ में सवार पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि शी जिनपिंग इस नजरबंद पादरी को छोड़ने पर बहुत गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
“पादरी जिन के मामले में तो सफलता मिल गई, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने उस समय यह भी संकेत दिया था कि चीन की जेल में बंद हांगकांग के प्रसिद्ध मीडिया कारोबारी और लोकतंत्र समर्थक जिमी लाई (Jimmy Lai) का मामला कानूनी रूप से बहुत अधिक पेचीदा और कठिन होगा। जिमी लाई को चीनी ताकतों के खिलाफ विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत की साजिश रचने और सरकार विरोधी सामग्री प्रकाशित करने के आरोपों में इस साल की शुरुआत में ही 20 साल जेल की कठोर सजा सुनाई गई है, जिस पर बीजिंग टस से मस होने को तैयार नहीं है।”
पादरी एज्रा जिन मिंगरी की रिहाई को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और धार्मिक स्वतंत्रता के प्रयासों के लिए एक बड़ी मानवीय जीत के रूप में देखा जा रहा है।
















