दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। भीषण गर्मी, उमस और लगातार बढ़ते तापमान से परेशान लोगों के लिए यह बारिश बड़ी राहत लेकर आई है। हालांकि, मानसून की यह दस्तक सिर्फ सुकून ही नहीं, बल्कि कई राज्यों के लिए चुनौती भी बनती नजर आ रही है। जहां एक ओर बारिश से मौसम सुहावना हो गया है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की एंट्री
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के चलते मानसून ने दिल्ली-एनसीआर में प्रवेश कर लिया है। राजधानी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
वहीं, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। इन राज्यों के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुआई के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, लेकिन अत्यधिक वर्षा फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा।














