प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्वी अफ्रीकी द्वीप देश की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में योगदान के लिए सेशेल्स के सबसे बड़े सम्मान ‘गार्डियन ऑफ़ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के विभिन्न देशों से अब तक लगभग तीन दर्जन अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। यह उपलब्धि विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक और भू-राजनीतिक साख को दर्शाता है।
स्वीडन ने मई में दिया सम्मान
मई 2026 में स्वीडन ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रतिष्ठित ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया था। यह स्वीडन के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है। यह किसी विदेशी सरकार के प्रमुख के लिए स्वीडन का सबसे बड़ा सम्मान है। ये सम्मान देश के सभी नागरिको को समर्पित है। नरेंद्र मोदी को मिले सम्मान में ख़ास तथ्य हैं कि प्रतिस्पर्धी देश भी सम्मान दे रहे हैं। इजराइल और फिलिस्तीन इसके उदाहरण हैं।
इन देशों ने दिया सबसे बड़ा सम्मान
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी को कई देशों ने आपसी रिश्तों को मजबूत करने और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने, आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में योगदान देने के लिए कुछ सबसे बड़े नागरिक और सरकारी सम्मानों से सम्मानित किया। अंतर्राष्ट्रीय सम्मान का सिलसिला वर्ष 2016 में शुरू हुआ जब सऊदी अरब ने ऑर्डर ऑफ किंग अब्दुलअज़ीज़’ दिया। यह दोनों देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है। अफगानिस्तान ने स्टेट ऑर्डर ऑफ गाज़ी अमीर अमानुल्लाह खान से सम्मानित किया था । फिलिस्तीन ने पीएम मोदी को ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ़ फिलिस्तीन से सम्मानित किया। संयुक्त अरब अमीरात ने 2019 में प्रतिष्ठित ऑर्डर ऑफ जायद से सम्मानित किया। बहरीन और मालदीव भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने शीर्ष नागरिक सम्मान प्रदान कर चुके हैं।
2020 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में पीएम मोदी की भूमिका को सम्मान देते हुए लीजन ऑफ मेरिट से सम्मानित किया। साल 2023 से 2025 के बीच प्रधानमंत्री मोदी को तक फ्रांस, ग्रीस, मिस्र, फ़िजी, पापुआ न्यू गिनी, डोमिनिका, बारबाडोस, कुवैत, नामीबिया, ब्राजील और श्रीलंका ने सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया था । फ्रांस ने उन्हें लीजन ऑफ़ ऑनर का ग्रैंड क्रॉस और ग्रीस ने ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ़ ऑनर से सम्मानित किया है। मिस्र ने उन्हें अपने सर्वोच्च राज्य सम्मान ऑर्डर ऑफ द नाइल से सम्मानित किया। स्वीडन सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को रॉयल ऑर्डर ऑफ़ द पोलर स्टार सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की उनकी नेतृत्व क्षमता और भारत-स्वीडन संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए दिया था।
दुनिया में बढ़ता भारत का कद
प्रधानमंत्री मोदी को दिए गए सम्मानों को भारत के बढ़ते कद की झलक, एक बड़ी वैश्विक शक्ति और एक भरोसेमंद अंतर्राष्ट्रीय भागीदार के तौर पर देखा जा सकता है। ये सम्मान भारत और सम्मान देने वाले देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, ऊर्जा समझौता, प्रौद्योगिकी सहयोग और अन्य क्षेत्रो में सहयोग का एक नया आयाम जोड़ रहे हैं। विश्व के राजनयिक मानचित्र पर भारत के बढ़ते कद को दिखाते हैं।
वर्तमान में मोदी के अलावा कोई भी विश्व स्तर पर ऐसा नेता नहीं हैं, जिसे इतने देशों द्वारा एक साथ सम्मानित किया गया हो। ये सम्मान ऐसे समय में मिल रहे हैं जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बहुत ज़्यादा दबाव और बदलाव के दौर से गुजर रही है। वर्तमान के बदलते भू-राजनीतिक माहौल में ज्यादातर देशों पर एक तरफ झुकाव का दबाव बढ़ गया है। मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक तरफ झुकने से मना कर दिया है। इसके बजाय भारत खुद को उन कुछ बड़ी ताकतों में से एक के तौर पर पेश किया है।
ग्लोबल साउथ की आवाज भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन देशों को भी तरजीह दी है, जिन्हें बड़े देश विशेष महत्व नहीं देते थे। मोदी ने ग्लोबल साउथ यानी वैश्विक दक्षिण पर विशेष जोर दिया है । कई छोटे देश दशकों से पश्चिमी संस्थाओं और चीन के बढ़ते ताकत के कारण मजबूर महसूस करते थे। वैक्सीन कूटनीति से लेकर विकास परियोजनाओं के जरिये कम विकसित देशों की मदद करने की नीति ने भारत को विश्व मंच पर नयी पहचान दी। भारत अपने काम से ग्लोबल साउथ की आवाज़ बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व स्तर पर एक भरोसेमंद साझेदार और दोस्त के तौर पर उभरा है। चाहे COVID-19 महामारी, प्राकृतिक आपदा या भू-राजनीतिक संकट हो सभी मौकों पर भारत ने मानवीय मदद और विकास साझेदार के तौर पर लगातार मदद की।

















