फ्रांस में एक बार फिर से म्यूज़िक फेस्टिवल में महिलाओ पर हमला हुआ है। जहां पिछली बार रहस्यमयी सिरिन्ज से हमला हुआ था, तो वहीं इस बार भी ऐसी ही कुछ घटनाओं के साथ महिलाओं को चाकू मारा गया है, उन्हें ड्रग्स दी गई है और इसके साथ ही उनका यौन उत्पीड़न भी किया गया है।
फ्रांस में सालाना Fête de la म्यूज़िक फेस्टिवल मनाया जाता है और इसमें भाग लेने के लिए पूरे देश से लोग शामिल होने के लिए आते हैं। वे संगीत और संस्कृति के साथ ही अपने लोगों का भी साथ इन्जॉय करना चाहते हैं। यह एक प्रकार से लोगों के मिलने-जुलने का भी अवसर होता है। हर साल 21 जून को यह आयोजन होता है और हर साल इस दिन सड़क, पार्क और सार्वजनिक स्थल ऐसे लगने लगते हैं कि जैसे वे ओपन एयर थिएटर में बदल गए हैं। पूरी पूरी रात लोग संगीत का लुत्फ उठाते हैं। लोग सड़कों पर नाचते हैं, गाते हैं।
मगर इस साल एक बार फिर से यह जश्न बदहवासी में बदल गया। लोग बेकाबू हो गए और उन्होंने अजीब हरकतें शुरू कर दीं। सोशल मीडिया पर जो वीडियो हैं, वह दिखाते हैं कि कैसे आम लोगों की गाड़ी पर लोग चढ़ गए और उनमें अश्वेत लोग शामिल थे और गाड़ी वाले के अनुरोध के बाद भी वे लोग उसकी गाड़ी की छत से उतर नहीं रहे हैं।
वीडियो हैं कि एक समुदाय को दूसरे समुदाय के लोग पीट रहे हैं। हिंसा की एक नहीं की घटनाएं हुईं। वीडियो आ रहे हैं कि लोग गाड़ियों को पूरी तरह से तोड़ चुके हैं। चाकूबाजी की घटनाएं हुईं और अफरातफरी फैल गई। एक क्लिप में यह दिखाया है कि कैसे शराब के आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित होने के बाद भी की लोग वाइन, बीयर आदि की बोतल लेकर आए हैं। सड़कों पर लड़कियों के साथ अश्लील हरकतें भी हो रही हैं।
अराजकता की रात
संगीत की यह रात एक बार फिर से अराजकता की रात में बदल गई। और लोगों को चाकू से मारा गया। कारों की खिड़कियों को तो तोड़ा ही गया, साथ ही दुकानों को तोड़कर उनमें लूट की भी कोशिश की गई। महिलाओं पर सिरिंज से हमले के 10 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए और यह भी बताया कि इन सिरिंज से कोई अज्ञात पदार्थ उनके शरीर में डाला गया। यह भी दावा किया जा रहा है कि यह रेप ड्रग थी। फ्रांस की इंटीरियर मिनिस्ट्री के प्रवक्ता ने कहा कि 9वें अरॉन्डिसमेंट में रात करीब 9.30 बजे एक निजी घर में एक युवक ने एक युवती को सिरिंज मारी और फिर उसका बलात्कार किया।
कई लड़कियों के साथ दुष्कर्म
डेली मेल के अनुसार कई लड़कियों के साथ बलात्कार की घटनाएं हुई हैं। गैग्नी के नॉर्थन कस्बे में 12 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में 48 साल के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया, और पेरिस के ही एक और उपनगर नोजेंट-सुर-मार्न में, एक 15 साल की लड़की ने कॉन्सर्ट से लौटने के बाद रेप की शिकायत की।
पेरिस में हुए फेस्टिवल में 20 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। यहां पर 11 बजे के लगभग पहली गड़बड़ी होनी शुरू हुई और एक अंग्रेज पर्यटक स्टीव ने कहा कि “सड़कें खतरनाक रूप से भीड़ से भर गई थीं, और उत्पाती तत्वों ने इसका फायदा उठाया।“ लोग सड़कों पर डरकर भागने लगे थे और ऐसा लग रहा था कि वे एक दूसरे के ऊपर गिर जाएंगे।
सोशल मीडिया पर लोगों का विरोध
सोशल मीडिया पर एक बार फिर से लोगों ने इस पूरे प्रकरण को लेकर विरोध किया है। हाल ही में फ्रांस में पीएसजी की जीत का जश्न मनाने के नाम पर सड़कों पर आगजनी हुई थी और इसी तरह की अफरातफरी हुई थी। हालांकि सरकार ने 5000 पुलिसकर्मियों की तैनाती सड़कों पर सुनिश्चित की थी, मगर यह भी आगजनी और उत्पात को रोकने में विफल रही।
टॉमी रॉबिन्सन ने लिखा कि फ्रांस ने तीसरी दुनिया के लोगों को आयात किया है तो यह यूरोप को पीछे धकेल रहे हैं।
Fête de la Musique(festival of music)
2006-2026.
Mass third world immigration is dragging Europe back at an accelerated rate.
Millions must go.
Not if, they must, for Europe to survive. pic.twitter.com/eFwFBW81r7
— Tommy Robinson 🇬🇧 (@TRobinsonNewEra) June 23, 2026
सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। अब इसे लेकर 240 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं। पिछले वर्ष भी यही हुआ था
पिछले वर्ष भी इसी संगीत उत्सव में यही हुआ था। पिछले वर्ष लड़कियों को रहस्यमयी सिरिन्ज से शिकार बनाया गया था और यह भी कहा गया था कि ये हमले इतने सुनियोजित थे कि ऐसा लग रहा था कि इनकी योजना बहुत पहले से बन गई थी। पिछले वर्ष 1500 से अधिक लोग घायल हुए थे और 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
पिछले वर्ष 50 से ज्यादा वाहनों में आग लगा दी गई थी। ऐसे में लोग प्रश्न कर रहे हैं कि जब पिछले वर्ष यह आगजनी हो चुकी थी, तो इस वर्ष बेहतर सुरक्षा के प्रयास क्यों नहीं किए गए? क्यों वे कदम नहीं उठाए गए, जिनसे आम लोग इस फेस्टिवल में आकर सुरक्षित समझता?
बहरहाल यूरोप अभी अपने नागरिकों के तमाम प्रश्नों का उत्तर शायद अपने वोट बैंक की नीति के कारण नहीं दे रहा होगा। अभी वहाँ पर सड़कों पर चीखो का संसार है, और ये इतना तेज है कि शायद प्रशासन की किसी भी लीपापोती से कम नहीं हो सकती है।

















