हर यूरोपीय देश की तरह फ्रांस में भी मुस्लिम मुल्कों से शरणार्थी हैं। फ्रांस में भी इनके द्वारा हिंसा के नए समाचार आ रहे हैं। यह घटना यूरोपीय प्रवासन नीति पर भी सवाल उठाती है।
मामला अप्रैल 2026 का है, लेकिन अभी तक चर्चा में है। खबर आई कि दक्षिण फ्रांस में 19 वर्षीय अफ़गान शरणार्थी को गिरफ्तार किया गया। उस पर आरोप है कि उसने बकरियों और भेड़ों के साथ दुष्कर्म किया था। यह घटना मार्सिले के पास स्थित लेस पेनेस-मिराब्यू शहर में हुई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। जिन पशुओं के साथ उसने यह सब किया, वे किसी के पालतू नहीं थे, बल्कि रेस्क्यू करके उस फार्म में रखे गए थे। वहां के लोग उन रेस्क्यू किये गए पशुओं की देखभाल करते हैं।
कैसे पता लगा?
इस जघन्य अपराध के विषय में लोगों ने तब संज्ञान लिया जब कुछ जानवरों के पैर बंधे पाए गए। उनके जननांगों पर चोटें तथा गहरे घाव थे। 31 मार्च को पांच महीने के एक मेमने के साथ इतनी बेरहमी से दुर्व्यवहार किया गया कि उसकी जान जाते-जाते बची। जब कई सप्ताह तक एक सी घटनाएं पशुओं के साथ हुईं तो लोगों ने फार्म में कैमरा लगाना शुरू किया, जिससे यह पता लग सके कि यह घिनौनी हरकत आखिर कौन कर रहा है। इसके बाद पता चला कि अफ़गान शरणार्थी यह कुकृत्य कर रहा है। उसे गिरफ्तार किया गया। उस पर पशु शोषण के आरोप हैं, जिनके कारण उसे कई वर्षों की सजा हो सकती है।
शरणार्थी नीति पर सवाल
इस घटना के सामने आने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था और लोगों ने शरणार्थी नीति पर सवाल उठाए। लोगों ने प्रश्न किया था कि आखिर उन लोगों को देश में आने की इजाजत कैसे होती है, जिन्हें शरण लेने वाले देश के मूल्य तो पता ही नहीं होते हैं, मगर साथ ही उन्हें यह भी नहीं पता होता है कि इंसानियत क्या है। हर यूरोपीय देश में शरणार्थी नीति को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। जिस अफगानी नागरिक ने यह कुकृत्य किया है, वह फ्रांस में गैर कानूनी रूप से 2025 में घुसा था। वह नागरिक परमिट का इंतजार कर रहा था और उसने शोषण से इनकार किया था। 22 जून को उसकी सुनवाई है तब तक वह हिरासत में ही रहेगा।
पशु संगठनों ने इस जघन्य कुकृत्य के लिए दंड दिलाने को लेकर कमर कस ली है। Animal Protection Association ने घोषणा की कि वे लोग इस मामले को अदालत में लड़ेंगे।
यूरोप में ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं
ऐसा नहीं है कि केवल फ्रांस में ही ऐसी एक घटना हुई है। पिछले वर्ष जर्मनी के Oberneufnach में ऐसा ही एक मामला आया था, जिसमें 52 वर्षीय तुर्की शरणार्थी पर कथित तौर पर एक अस्तबल में घुसकर घोड़ियों का यौन शोषण करने का आरोप लगा था। 2023 में, 27 साल के एक संदिग्ध को गिरफ़्तार किया गया था। उसे हैम्बर्ग के दक्षिण में एक अस्तबल में एक पोनी के साथ रेप करते हुए सर्विलांस कैमरे में पकड़ा गया था। 18 साल पोनी के साथ उस आदमी ने रात 1 बजे दुर्व्यवहार किया था। यहाँ तक कि साल 2017 में एकपार्क में पेटिंग ज़ू में एक सीरियाई प्रवासी ने बच्चों के सामने एक पोनी से दुष्कर्म किया।















