लखनऊ । अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में कथित दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह प्रारंभिक प्रतिवेदन है। गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी प्रकरण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में अयोध्या में एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि “मेरी अपील होगी सभी रामभक्तों से,अयोध्या के बारे में जो समाचार पत्रों में सुनने को मिला, हम लोगों ने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बिठाई है, मैं कह सकता हूं कि एसआईटी जांच दूध का दूध पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी पक्षों से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी व बातें न हो जो रामभक्तों की भावनाओं को आहत करती हों।
सीएम योगी ने कहा- अगर किसी के पास कोई डॉक्यूमेंट है तो वह एसआईटी को उपलब्ध करवा दें,एसआईटी जांच करके देगी। रामभक्तों से मेरी विनम्र अपील होगी कि प्रभु राम ने हमे मर्यादा का पाठ पढ़ाया है,हमने उसी मर्यादा का पालन करते हुए 500 वर्षो तक प्रभु राम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया है,15 दिन और देख लें, इंतज़ार कर लें, चिंता न करें। रामजन्मभूमि को अपमानित करने वाले लोगो के बहकावे में कतई न आएं,ये लोग कभी नहीं चाहेंगे कि अयोध्या सम्मान पाए!”














