सोशल मीडिया पर आजकल एआई जेनरेटेड वीडियो से लेकर कई फेक वीडियो शेयर कर माहौल खराब कर रहे हैं। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें लोगों का कहना है कि यह बिहार के भोजपुर में 17 जून को कथित फेक एनकाउंटर में मारे गए भारत भूषण तिवारी का अंतिम संस्कार है। वीडियो में बड़ी भीड़ दिख रही है, जो अंतिम यात्रा में शामिल हो रही है। लेकिन फैक्ट चेक में पता चला है कि यह वीडियो बिल्कुल अलग घटना का है।
क्या है दावा?
कई पोस्ट में दावा किया गया कि यह वीडियो भारत भूषण तिवारी की अंतिम यात्रा का है। एक यूजर ने लिखा, “भारत तिवारी की अंतिम यात्रा में इतनी भीड़ देखकर पता चलता है कि लोगों को उनके एनकाउंटर में कितनी गलती लगी।” इस तरह के कई पोस्ट X (ट्विटर) पर घूम रहे हैं।

क्या कहता है फैक्ट चेक
भारत भूषण तिवारी 17 जून 2026 को बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे। पुलिस ने शुरू में इसे आत्मरक्षा बताया था, लेकिन बाद में एक वीडियो सामने आया जिसमें तिवारी सरेंडर करते दिख रहे हैं। इस घटना पर काफी गुस्सा है, विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और बिहार सरकार ने 20 जून को न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। लेकिन वायरल वीडियो इससे जुड़ा नहीं है।
वीडियो कहां का है?
इंडिया टुडे फैक्ट चेक रिपोर्ट के अनुसार, उसकी टीम ने वीडियो के फ्रेम रिवर्स सर्च किए। पता चला कि यह वीडियो मार्च 2026 का है। इसे निमाज़ वाला नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 मार्च को पोस्ट किया गया था। अकाउंट चलाने वाले हनुमान गहलोत से बात की गई। उन्होंने साफ कहा कि वीडियो राजस्थान के पाली जिले के निमाज़ कस्बे का है। यह स्थानीय पत्रकार गोविंद सेन का अंतिम संस्कार था। हनुमान गहलोत ने खुद यह वीडियो रिकॉर्ड किया था। उन्होंने उसी दिन के और भी वीडियो अपने अकाउंट पर डाले थे। गोविंद सेन जनकारी टीवी से जुड़े थे।
इसलिए यह वीडियो मार्च का है, जबकि तिवारी की घटना जून में हुई। दोनों का कोई कनेक्शन नहीं है।
दूसरा वायरल वीडियो
इसी तरह का एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण इलाके में बड़ी भीड़ दिख रही है। इसे भी तिवारी के अंतिम संस्कार का बताया जा रहा है। लेकिन यह भी पुराना है। रिवर्स सर्च से पता चला कि यह क्लिप 4 जून को इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई थी। यानी तिवारी की घटना से पहले का। इस वीडियो के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली। बताया जाता है कि है कि दोनों वायरल क्लिप्स पुरानी हैं और राजस्थान या दूसरे इलाकों से संबंधित हैं। इन्हें गलत संदर्भ में भारत भूषण तिवारी की घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

















