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ईरान का बड़ा बयान: हॉर्मुज अब कभी युद्ध से पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा, रहेगा हमारा नियंत्रण

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज अब युद्ध से पहले जैसी स्थिति में कभी वापस नहीं आएगा। स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ हुई वार्ता के बाद ईरान का साफ ऐलान - हॉर्मुज हमेशा ईरान के नियंत्रण में रहेगा।

Published by
कुलदीप सिंह

अमेरिका और ईरान के मध्य चल रही शांति वार्ता के बीच ईरान ने बड़ी बात कही है। इसी क्रम में ईरान के संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने मंगलवार को कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब पहले जैसी स्थिति में कभी वापस नहीं लौटेगा। यह हमेशा ईरान के नियंत्रण में रहेगा। उन्होंने साफ कहा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज कभी भी युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं आएगा और इसे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ही संभालेगा।”

होर्मुज क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

होर्मुज का जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के तेल और गैस के बड़े हिस्से का गुजर इसी रास्ते से होता है। इसलिए इस इलाके में स्थिरता हर किसी के लिए जरूरी मानी जाती है।

स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत

घालिबाफ स्विट्जरलैंड में अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत करके लौटे हैं। उन्होंने बताया कि इन चर्चाओं में 12 डॉलर बिलियन के फ्रोजन ईरानी एसेट्स को रिलीज करने का समझौता पक्का हो गया है। इसके अलावा दोनों पक्षों ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की मूवमेंट पर एक कम्युनिकेशन चैनल बनाने पर सहमति जताई है। इसका मकसद गलतफहमी, टकराव या सुरक्षा की कोई घटना रोकना है।

अमेरिका पर भरोसा नहीं

घालिबाफ ने कहा कि ईरान ने अमेरिका पर कभी भरोसा नहीं किया, अभी भी नहीं करता और भविष्य में भी सतर्क रहना ही समझदारी है। उन्होंने एक बात और बताई कि बातचीत के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक सोशल मीडिया पोस्ट था, जिसमें ईरान को उसके प्रॉक्सी ग्रुप्स (खासकर लेबनान में) को सपोर्ट न करने की धमकी दी गई थी। ईरान की कोशिश से वो पोस्ट एक घंटे के अंदर बदल दिया गया। उन्होंने इसे ईरान की कूटनीतिक ताकत का सबूत बताया।

युद्ध के बाद का समझौता

कुछ हफ्ते पहले एक अंतरिम समझौता हुआ था। यह समझौता तीन महीने से ज्यादा समय तक चले संघर्ष के बाद आया। उस दौरान अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे। ईरान ने जवाब में इजराइल और अमेरिकी बेस वाले गल्फ देशों पर हमले किए थे। ईरान अब साफ तौर पर कह रहा है कि होर्मुज पर उसका प्रशासन बरकरार रहेगा। युद्ध से पहले जैसी पुरानी व्यवस्था वापस नहीं लाई जाएगी। वार्ता में हासिल किए गए पॉइंट्स जैसे फ्रोजन एसेट्स, कम्युनिकेशन लाइन और अन्य मुद्दों पर ईरान अपनी बात रख रहा है।

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