पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार के आने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार आज (सोमवार को) अपना पहला पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता दोपहर 12 बजे विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट रखेंगे। यह बजट राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पिछले 15 साल के तृणमूल कांग्रेस शासन के बाद सत्ता संभालने वाली नई सरकार का पहला पूरा बजट है।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल किया और तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन का अंत हुआ। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को शपथ ली। अब उनकी सरकार पहली बार पूरे साल का बजट बना रही है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश पर खास ध्यान दिया जाएगा।
किन बातों पर फोकस?
बजट में आर्थिक पुनरुद्धार, नौकरियां पैदा करना और औद्योगिक विकास को लेकर नई रणनीति आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहले ही संकेत दे रखे हैं कि बजट में कई बड़ी घोषणाएं होंगी। भाजपा के चुनावी वादों को भी इसमें जगह मिल सकती है। राज्य पर भारी कर्ज का बोझ है, इसलिए सरकार राजस्व बढ़ाने, खर्च संभालने और फिस्कल सुधार पर जोर देगी। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने कहा है कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को मुख्य प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि यह आर्थिक विकास की रीढ़ है।
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तैयारियां कैसी रहीं?
बजट पेश करने से पहले स्वप्न दासगुप्ता ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और नीति आयोग के चेयरमैन अशोक लाहिड़ी से मुलाकात की। इन बैठकों में राज्य की आर्थिक स्थिति, निवेश के मौके, इंफ्रास्ट्रक्चर और कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य है कि कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखते हुए कर्ज कम किया जाए, राजस्व बढ़ाया जाए और उद्योगों को बढ़ावा मिले। टैक्स नहीं बढ़ाकर राजस्व जुटाने के तरीके सोचे जा रहे हैं, जैसे सैंड और माइनर मिनरल्स की नीलामी को पारदर्शी बनाना, सरकारी जमीन का बेहतर उपयोग और GST चोरी पर सख्ती।
लोग क्या उम्मीद कर रहे हैं?
पूरे राज्य में इस बजट को लेकर उत्सुकता है। लोग देखना चाहते हैं कि नई सरकार पुरानी समस्याओं जैसे आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और निवेश की कमी को कैसे संबोधित करती है। यह बजट न सिर्फ चालू साल की योजनाओं का खाका खींचेगा बल्कि आने वाले समय में राज्य की दिशा भी तय करेगा।
















