एआई के अस्तित्व में आने के साथ ही साइबर अपराधी ज्यादा तेजी से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एआई से बनाया गया एक वीडियो तेजी से वायरल किय़ा जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाख तक का लोन मंजूर हो सकता है। वो भी सिर्फ 6,550 रुपए की प्रोसेसिंग फीस जमा करने पर। सरकार की एजेंसी PIB ने अपने फैक्ट चेक में इसे फर्जी करार दिया है।
मुद्रा योजना क्या है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) 8 अप्रैल 2015 में शुरू हुई थी। इसका मकसद छोटे-मोटे गैर-कृषि काम करने वाले लोगों को बिना गारंटी के लोन दिलाना है। लोन की रकम ₹50,000 से शुरू होकर ₹10 लाख तक (कुछ मामलों में ₹20 लाख तक) जा सकती है।
🚨 SCAM ALERT!
A #fake loan approval letter is circulating , claiming to grant a loan amount worth ₹10 Lakhs under the Pradhan Mantri Mudra Yojana on payment of a processing fee of ₹6,550.#PIBFactCheck:
❌ The letter is FAKE.
✅ MUDRA does not provide direct loans to… pic.twitter.com/RC5am83RLG
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 21, 2026
तीन मुख्य कैटेगरी हैं:
शिशु: 50,000 तक
किशोर: 50,001 से 5 लाख तक
तरुण: 5 लाख से 10 लाख तक (तरुण प्लस के तहत और बढ़ाया गया)
मुद्रा की असली भूमिका
MUDRA यानी Micro Units Development & Refinance Agency एक रिफाइनेंस एजेंसी है। मतलब यह खुद लोगों को लोन नहीं देती। यह बैंकों, रीजनल रूरल बैंक्स, स्मॉल फाइनेंस बैंक्स, NBFC और माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं को फंड देती है, जो फिर छोटे उद्यमियों को लोन देते हैं। आपको लोन लेना हो तो सीधे बैंक या इन संस्थाओं से संपर्क करना पड़ता है। ऑनलाइन udyamimitra.in या बैंक की ब्रांच से आवेदन कर सकते हैं। कोई प्रोसेसिंफीस किसी फर्जी लेटर में मांगने की बात नहीं चलती।
मुद्रा की आधिकारिक वेबसाइट पर साफ लिखा है कि वे किसी एजेंट या मध्यस्थ को नहीं नियुक्त करते।

















