बागपत जनपद में जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजपुर खामपुर गांव में तालाब की सरकारी जमीन पर कब्जा करके अवैध मस्जिद बनाई गई थी। वर्ष 2021 में इस गांव के निवासी मोहम्मद गुलशेर ने इस संबंध में शिकायत की थी। शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने के बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। जनपद न्यायालय और बाद में उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर मस्जिद को अवैध घोषित कर दिया गया और जिलाधिकारी को धारा 67 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गत 16 मई को नोटिस दिया। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद आज शनिवार को दोपहर 12 बजे मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।
वर्ष 2021 में की गई थी शिकायत
बागपत जनपद के राजपुर खामपुर गांव के रहने वाले मोहम्मद गुलशेर ने सन 2021 में जिलाधिकारी से इस संबंध में शिकायत की थी। बागपत जनपद की तत्कालीन जिलाधिकारी शकुंतला गौतम ने इस संबंध में जांच के आदेश दिए थे, मगर इस शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई।
जनपद न्यायालय से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
इसके बाद मोहम्मद गुलशेर ने सन 2022 में बागपत के जनपद न्यायालय की सिविल अदालत में वाद दायर किया। कुछ समय बीत जाने के बाद जब सिविल न्यायालय में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, उसके बाद गुलशेर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की।
हाईकोर्ट ने मस्जिद को अवैध घोषित कर कार्रवाई के दिए आदेश
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका की सुनवाई पूरी होने पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मस्जिद को अवैध घोषित कर दिया और जिलाधिकारी को धारा 67 के तहत कार्रवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बागपत जनपद के जिलाधिकारी ने गत 16 मई को मस्जिद की प्रबंध समिति को नोटिस दिया।
नोटिस अवधि पूरी होने के बाद चला बुलडोजर
नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद आज शनिवार को दोपहर में उप जिलाधिकारी बड़ौत, उप जिलाधिकारी बागपत, कई थानों की पुलिस फोर्स एवं 100 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई।
तालाब की सरकारी जमीन पर बना था निर्माण, परिसर में चल रहा था मदरसा
यह मस्जिद तालाब की सरकारी जमीन पर कब्जा करके अवैध ढंग से बनाई गई थी। इसमें दो कमरे बने हुए थे। इसी परिसर में मदरसा भी संचालित किया जा रहा था।
















