धर्म-संस्कृति

आज का श्लोक : न देवा यष्टिमादाय् रक्षन्ति पशुपालवत्।

सुभाषितम् में पढ़ें आज का श्लोक

Published by
Panchjanya

न देवा यष्टिमादाय् रक्षन्ति पशुपालवत्।
यं तु रक्षितुमिच्छन्ति बुद्धया संयोजयन्ति तम्॥

हिन्दी अर्थ –

पशुपालक की भांति लाठी लेकर देवता रक्षा नहीं करते। जिसकी रक्षा करना चाहते हैं, उसे बुद्धि से समायुक्त कर देते हैं।

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