एक तरफ खाड़ी संकट को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईऱान आगे बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर न्यूजीलैंड के उप प्रधानमंत्री डेविड सेमोर ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन करार दिया है। उन्होंने कहा कि उनका देश इसके लिए सक्रिय रूप से विचार कर रहा है। उनका कहना है कि वेलिंगटन ईरानी सरकार के अपने पड़ोसियों के साथ बर्ताव, मध्य पूर्व में सशस्त्र समूहों को समर्थन और ऑस्ट्रेलिया के पास तक उसकी गतिविधियों की निंदा करता है।
ईरानी सरकार बुरी है
सेमोर ने साफ कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि हम इसे एक बुरा शासन मानते हैं। हम उनके पड़ोसियों के साथ किए जा रहे कामों की, मध्य पूर्व में आतंकवाद को बढ़ावा देने की, और ऑस्ट्रेलिया के करीब तक फैली गतिविधियों की निंदा करते हैं। खासकर ईरानी लोगों के साथ उनके बर्ताव की हम बहुत निंदा करते हैं।”
उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड ने अभी IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित नहीं किया है, क्योंकि तेहरान के साथ अभी भी राजनयिक संबंध बने हुए हैं। ईरान का एक राजदूत वेलिंगटन में है, जबकि न्यूजीलैंड का दूतावास ईरान में फिलहाल बंद है।
कनेक्शन रखने का फायदा
सेमोर ने कहा, “ये संबंध कुछ काम के हो सकते हैं। इसी वजह से हमने अपनी स्थिति बनाए रखी है, भले ही हम ईरानी सरकार के कामों की निंदा करते हों।” उन्होंने आगे बताया कि न्यूजीलैंड की पुलिस और खुफिया एजेंसियां IRGC की गतिविधियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं और उन्हें लगातार नजर रखे हुए हैं।” सरकार और हमारी एजेंसियां IRGC पर नजर रखने और उसे नियंत्रित करने को प्राथमिकता देती हैं। खासकर उन ईरानी नागरिकों की सुरक्षा जो न्यूजीलैंड आकर बस गए हैं।
सेमोर का कहना है कि आईआऱजीसी पर नकेल कसने को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से व्यक्तिगत रूप से बात की है। फिलहाल सरकार आतंकवादी घोषणा के अलावा और कोई कदम नहीं सोच रही है। उन्होंने हाल ही में न्यूजीलैंड और 21 अन्य देशों के एक संयुक्त बयान का भी जिक्र किया, जिसमें ईरान की सीमा के बाहर की गतिविधियों की निंदा की गई थी।
मूल्यों पर आधारित रुख
सेमोर ने कहा, “हमने एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, क्योंकि हम और बाकी देश कुछ मूल्यों को मानते हैं। हमें एक-दूसरे के साथ मूल्य के बदले मूल्य देना चाहिए। हिंसा से नहीं, बल्कि आपसी फायदे वाले व्यापार से मजबूत होना चाहिए।” वे कहते हैं कि इसी वजह से हम इस शासन की अंदर और बाहर दोनों जगह की हरकतों की निंदा करते हैं।
प्रदर्शनकारियों के साथ ईरानी बर्ताव शर्मनाक
इसके साथ ही सेमोर ने ईरानी सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों के साथ किए जा रहे बर्ताव को “पूरी तरह शर्मनाक और घिनौना” बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी।” मुझे विश्वास है कि समय आएगा जब वे टिक नहीं पाएंगे। वे सत्ता में नहीं रहेंगे। क्योंकि पर्शिया की 5000 साल पुरानी खूबसूरत इतिहास है।” उन्होंने कहा कि इस जगह की महानता इस शासन से खत्म नहीं होगी। यह शासन लंबे सभ्यता के इतिहास में सिर्फ एक छोटा फुटनोट बनकर रह जाएगा।
स्वतंत्रता के लिए लड़ने वालों को श्रद्धांजलि
डिप्टी प्रधानमंत्री ने इस साल की शुरुआत में मारे गए करीब 40,000 स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आजादी की तलाश करने वाले ईरानी आखिरकार जीतेंगे। वे कहते हैं, “आजादी से जीना, सम्मान के साथ, हिंसा से दूर — यही एकमात्र तरीका है जिससे दुनिया में कोई भी इंसान अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच पाया है। समय के साथ आप जरूर सफल होंगे, क्योंकि आप सही हो और वे गलत।”

















