उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के थाना खरखौदा में पुलिस के लिए नए आवास का निर्माण किया जाना है। इस निर्माण हेतु जब थाना परिसर की जमीन की नाप की गई तो उसके अंदर बनी मस्जिद अवैध पाई गई। पुलिस ने राजस्व विभाग से रिकॉर्ड निकलवा करके देखा तो यह पाया गया कि थाना परिसर के अंदर कई वर्ष पहले अवैध ढंग से मस्जिद का निर्माण कर दिया गया था। पुलिस ने मौलवी को दस्तावेज दिखाने के लिए 10 दिन का समय दिया है।
1989 में किया अवैध मस्जिद का निर्माण
जानकारी के अनुसार मेरठ जनपद के थाना खरखौदा में सन 1989 के आसपास अवैध मस्जिद का निर्माण कर दिया गया था और उसको वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया था। जब पुलिस के लिए नए आवास का निर्माण करने के लिए थाना परिसर में भूमि की पैमाइश कराई गई तो परिसर में स्थित मस्जिद पर नजर टिक गई। राजस्व विभाग से रिकॉर्ड निकलवाया गया। रिकॉर्ड में पाया गया कि खसरा नंबर 1217 में 1.6450 हेक्टर भूमि मेरठ के थाना खरखौदा के रूप में दर्ज है। इस परिसर में बनी हुई मस्जिद पूर्ण रूप से अवैध है। राजस्व रिकॉर्ड को चेक करने के बाद पुलिस ने मस्जिद के प्रबंध तंत्र को नोटिस दिया है और कहा है कि 10 दिन के अंदर अपने मालिकाना हक का कागज प्रस्तुत करें।
मौलवी को दस दिन का दिया समय
पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण अभिजीत कुमार का कहना है कि थाने की जमीन पर अवैध निर्माण किया गया था। राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश की, जिसमें पाया कि यह अवैध निर्माण थाने की जमीन पर है। इस पर नोटिस दिया गया है और कागजात मांगे गए हैं। 10 दिन का समय दिया है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

















